बृजेश मिश्रा,भेटुआ/अमेठी: सरकार एक ओर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चला रही है, वहीं अमेठी के विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से सरकारी योजना धरातल पर दम तोड़ती नजर आ रही है। भेटुआ विकासखंड की कई ग्राम पंचायतों में मनरेगा की आईडी जनरेट नहीं होने के कारण पौधरोपण का काम अटक गया है। सरैया मोहन ग्राम पंचायत में अमृत सरोवर के किनारे रोपण के लिए लाए गए सैकड़ों पौधे अब सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं।
सरकार पौधे लगाने पर जोर दे रही, विभाग कागजी प्रक्रिया में उलझा है।
ग्राम पंचायत के प्रशासक भानु प्रताप सिंह ने बताया कि वृक्षारोपण कार्य के लिए मनरेगा आईडी अभी जनरेट नहीं हो सकी है। उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार जितने पौधे लगाए जा सकते थे, उतने लगवा दिए गए हैं। आईडी जनरेट होने के बाद शेष पौधों का रोपण कराया जाएगा।
चार ग्राम पंचायतों में अटका अभियान
ब्लॉक स्तर से मिली जानकारी के अनुसार सेमरा, टिकावर, सरैया मोहन और सरुवांवा ग्राम पंचायतों में वृक्षारोपण कार्य के लिए मनरेगा आईडी जनरेट नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि शासन स्तर से इन ग्राम पंचायतों की बाउंड्री वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण आईडी जारी नहीं हो पाई है।
कागजों की अड़चन में हरियाली का अभियान बेबस।
अमृत सरोवर के किनारे लगाए जाने के लिए लाए गए सैकड़ों पौधे समय पर रोपित नहीं हुए तो उनके खराब होने का खतरा बना हुआ है। इससे सरकारी धन और संसाधनों के नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है।
जिम्मेदार अधिकारी नहीं उठा रहे फोन
मामले में विस्तृत जानकारी के लिए डीसी मनरेगा शेर बहादुर को कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इससे विभागीय कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जब पौधरोपण का समय तय था तो मनरेगा आईडी और बाउंड्री वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पहले क्यों नहीं पूरी हुई? सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए अभियान चला रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर विभागीय प्रक्रिया की सुस्ती अभियान की मंशा पर सवाल खड़े कर रही है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक प्रक्रिया पूरी कर सैकड़ों पौधों को सूखने से बचाते हैं।