प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। फैक्ट्री के मालिक नौशाद को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार तड़के सैयद सरावां इलाके में मुठभेड़ हुई, जिसमें नौशाद के पैर में गोली लगी। पुलिस का कहना है कि वह शहर से बाहर भागने की कोशिश में था।हादसे में 11 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 8 बच्चे शामिल हैं। मृतकों के पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू होने की तैयारी है। मृतकों के परिजन पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच चुके हैं।
लापरवाही के आरोप में 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड
अवैध पटाखा फैक्ट्री के संचालन में कथित लापरवाही को लेकर पुलिस विभाग ने भी कार्रवाई की है। प्रयागराज के आईजी अजय कुमार मिश्रा ने एक इंस्पेक्टर, पांच दरोगा और दो अन्य पुलिसकर्मियों समेत कुल 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है।निलंबित पुलिसकर्मियों में पिपरी के पूर्व इंस्पेक्टर शिवचरण राम, थानाध्यक्ष विकास सिंह और दरोगा अजीत कुमार, अभिषेक गुप्ता, मनीष पाल व अमित द्विवेदी शामिल हैं। इससे पहले भी मामले में कुछ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था।
एयरफोर्स स्टेशन से करीब 2 किलोमीटर दूर चल रही थी फैक्ट्री
जानकारी के मुताबिक पटाखा फैक्ट्री प्रयागराज के मनौरी एयरफोर्स स्टेशन से करीब 2 किलोमीटर दूर संचालित हो रही थी। फैक्ट्री में विस्फोट की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना से पहले इलाके में बिजली का खंभा गिरा था। एक महिला ने दावा किया था कि खंभा गिरने के बाद फैक्ट्री में रखे बारूद में तेज धमाका हुआ। हालांकि, विस्फोट की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
गोदाम को पहले ही ढहा दिया गया था
घटना से पहले रविवार रात करीब साढ़े सात बजे फैक्ट्री से लगभग 400 मीटर दूर बनाए गए एक गोदाम को बुलडोजर की मदद से ढहा दिया गया था।विस्फोट के बाद आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंचा। फैक्ट्री से करीब 70 मीटर दूर स्थित तीन मंजिला मकान के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
चारपाई पर घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल
विस्फोट के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से चारपाई पर रखा गया और पिकअप वाहन से स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज (SRN) अस्पताल पहुंचाया गया।हादसे में कई परिवारों ने अपनों को खो दिया। घटनास्थल पर परिजनों के बीच चीख-पुकार का माहौल रहा।
फैक्ट्री मालिक पर जांच का शिकंजा
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध पटाखा फैक्ट्री किस तरह संचालित हो रही थी और इसके लिए जिम्मेदार कौन-कौन लोग थे। साथ ही फैक्ट्री में विस्फोटक सामग्री के भंडारण और सुरक्षा मानकों से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।