रायपुर। छत्तीसगढ़ में सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और दोनों उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा के खिलाफ अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। इंस्टाग्राम पर प्रसारित एक वीडियो में तीनों नेताओं के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। मामले को लेकर राष्ट्रवादी विचारक वीरेंद्र दुबे ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
वीडियो के साथ अश्लील कमेंट का भी आरोप
शिकायत के अनुसार, आपत्तिजनक वीडियो सागर निर्मलकर नाम की इंस्टाग्राम आईडी से पोस्ट किया गया था। इसी वीडियो पर @quail.3131469 नाम की आईडी से कथित तौर पर अश्लील गालियों वाले कमेंट भी किए गए। वीरेंद्र दुबे ने शिकायत में वीडियो और कमेंट को लेकर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की मांग
वीरेंद्र दुबे ने सिविल लाइन थाना, रायपुर में लिखित शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ आईटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि संवैधानिक पदों पर बैठे जनप्रतिनिधियों के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल अपमानजनक है। साथ ही इससे प्रदेश की शांति और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
आलोचना स्वीकार, लेकिन अभद्रता नहीं
मीडिया से बातचीत में वीरेंद्र दुबे ने कहा कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर प्रदेश सरकार और सरकार से जुड़े वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर मर्यादा की सीमा पार नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना का स्वागत है, लेकिन अभद्र भाषा और गाली-गलौज को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को आदिवासी समाज का गौरव बताते हुए उनके अपमान को पूरे प्रदेश का अपमान बताया।
दोबारा ऐसी टिप्पणी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
वीरेंद्र दुबे ने कहा कि राष्ट्रवादी युवा अब ऐसे मामलों में शांत नहीं बैठेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के खिलाफ भविष्य में इस तरह की अमर्यादित टिप्पणी दोबारा की गई तो जागरूक युवा कानूनी कार्रवाई के लिए आगे आएगा।
पुलिस ने शुरू की जांच
शिकायत मिलने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट और कमेंट से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। मामले में जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।