टीकमगढ़। जिले में सागर लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यहां स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक कर्मचारी को भ्रष्टाचार मामले में रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त ने मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में पदस्थ MPW देशराज घोष को 10000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि नौकरी दिलाने के बदले उससे 80 हजार रुपये मांगे गए थे।
लोकायुक्त ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद ट्रैप की योजना बनाई। शुक्रवार को शिकायतकर्ता ने पहली किस्त के रूप में 10000 रुपये आरोपी को दिए। उसी दौरान मौके पर मौजूद टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
नौकरी दिलाने के नाम पर 80 हजार की मांग
लोकायुक्त के अनुसार, शिकायतकर्ता अरविंद राजपूत ने सागर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित का आरोप था कि कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी लगवाने का भरोसा देकर देशराज घोष ने कुल 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। जांच में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद रिश्वतकर्ता को पकड़ने के लिए ट्रैप की कार्रवाई की गई।
जांच में सामने आया एक और आरोप
कार्रवाई के दौरान एक अन्य व्यक्ति नरेंद्र ने भी देशराज घोष पर नौकरी दिलाने के नाम पर 5 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया। इस मामले में जुड़ा एक वीडियो भी जांच एजेंसियों के पास होने की बात सामने आई है। लोकायुक्त टीम अब इस आरोप की भी जांच कर रही है। साथ ही उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।
भ्रष्टाचार मामले में बढ़ी निगरानी
सरकारी नौकरियों के नाम पर रिश्वत मांगने की शिकायतों पर लोकायुक्त की यह कार्रवाई प्रशासनिक निगरानी को और सख्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच में यदि अन्य शिकायतों की पुष्टि होती है तो आरोपी के खिलाफ अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। फिलहाल लोकायुक्त टीम पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।