केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने मंगलवार को प्रधानमंत्री Narendra Modi पर लिखी अपनी नई किताब ‘अपनापन : नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ का विमोचन किया। दिल्ली के पूसा स्थित NASC कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में देश के कई बड़े नेता और मुख्यमंत्री शामिल हुए।
दरअसल, यह किताब सिर्फ राजनीतिक संस्मरण नहीं मानी जा रही, बल्कि मोदी और शिवराज के तीन दशक से ज्यादा पुराने रिश्ते और राजनीतिक सफर की झलक भी पेश करती है। कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति M. Venkaiah Naidu और पूर्व प्रधानमंत्री H. D. Deve Gowda ने पुस्तक का विमोचन किया।
1991 की एकता यात्रा से शुरू हुआ सफर
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि किताब में 1991 की एकता यात्रा से लेकर अब तक के अनुभवों को शामिल किया गया है। उस दौरान Murli Manohar Joshi की यात्रा में नरेंद्र मोदी संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाल रहे थे। शिवराज ने कहा कि वर्षों तक अलग-अलग भूमिकाओं में साथ काम करते हुए उन्होंने मोदी के कार्यशैली को करीब से देखा।
चाहे संगठन का काम हो, मुख्यमंत्री के रूप में तालमेल या फिर केंद्र सरकार में साथ काम करना, हर दौर के अनुभव इस पुस्तक में दर्ज किए गए हैं। यही वजह है कि भाजपा समर्थकों और राजनीतिक हलकों में इस किताब को लेकर खास दिलचस्पी दिखाई दे रही है।
“नरेंद्र मोदी एक सच्चे कर्मयोगी”
कार्यक्रम में बोलते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कभी-कभी जीवन में ऐसे व्यक्ति के साथ काम करने का अवसर मिलता है, जिसे दुनिया नेता कहती है, लेकिन वह वास्तव में एक कर्मयोगी होते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 35 वर्षों में उन्होंने नरेंद्र मोदी को हर पल देश के लिए जीते हुए देखा है।
उनके मुताबिक मोदी का हर निर्णय देश की प्रगति, विकास और आम लोगों के जीवन में बदलाव लाने की सोच से जुड़ा रहा। हालांकि, शिवराज का यह बयान सिर्फ राजनीतिक प्रशंसा तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी से उन्होंने कई प्रशासनिक और जनहित से जुड़े फैसलों की प्रेरणा ली।
कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी पहुंचे
पुस्तक विमोचन समारोह में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami और राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री Jyotiraditya Scindia, Manohar Lal Khattar और Giriraj Singh सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में शामिल हुए। ऐसे में राजनीतिक जानकार इसे भाजपा नेतृत्व और संगठन के भीतर मजबूत तालमेल के सार्वजनिक प्रदर्शन के रूप में भी देख रहे हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनने का दावा
शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि यह किताब खास तौर पर युवाओं को प्रेरित करेगी। पुस्तक में अनुशासन, समर्पण, राष्ट्र सेवा और नेतृत्व क्षमता जैसे पहलुओं को विस्तार से शामिल किया गया है। फिलहाल भाजपा समर्थकों के बीच इस किताब को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। वहीं राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और भाजपा के संगठनात्मक मॉडल को लेकर आने वाले समय में इस तरह की और किताबें सामने आ सकती हैं।