गोण्डा: करनैलगंज तहसील के एसडीएम न्यायालय में न्याय की फाइलों पर कथित तौर पर ‘सुविधा शुल्क’ का ताला लगा होने का मामला सामने आया है। अधिवक्ता पंकज कुमार दीक्षित ने आरोप लगाया है कि एसडीएम न्यायालय में कार्यरत एक प्राइवेट कर्मचारी फाइल दिखाने के नाम पर 1000 रुपये की मांग कर रहा है। इस पूरे मामले का 21 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तहसील परिसर में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
जांच और कार्रवाई की मांग
अधिवक्ता ने सोमवार को आयुक्त देवीपाटन मंडल और जिलाधिकारी गोण्डा को ईमेल के जरिए शिकायत भेजकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उक्त कर्मचारी फाइलों में आदेश कराने और अन्य कामों के लिए भी वसूली करता है। अधिवक्ता के मुताबिक कर्मचारी का कहना है कि उसे ‘साहब ने रखा है’, इसलिए वह वही करता है जो साहब कहते हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मामला गंभीर क्यों?
मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि शिकायतकर्ता का दावा है कि आरोप से घिरा व्यक्ति इससे पहले भी एसडीएम न्यायालय में जमानत और तारीख के नाम पर कथित अवैध वसूली के मामले में सामने आ चुका है। उस समय भी वीडियो वायरल होने और मामला अधिकारियों तक पहुंचने की बात कही गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर तहसील में कौन-सा ऐसा ‘अदृश्य संरक्षण’ है, जिसके चलते आरोपों के बाद भी व्यवस्था जस की तस बनी हुई है?
क्या कहते है एसडीमए?
अधिवक्ता ने प्राइवेट कर्मचारियों को हटाने, न्यायालय परिसर में सीसीटीवी लगाने और फाइलों के निस्तारण की ऑनलाइन व्यवस्था करने की मांग की है। वहीं नवागत एसडीएम करनैलगंज का का कहना है कि इस मामले को गंभीरता से ले रहे है, मामले में छानबीन कराई जा रही है, दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।