संजय श्रोत्रिय, चंदेरी। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर चंदेरी से करीब 5 किलोमीटर दूर टगारी-वांकलपुर गांव से भाई-बहन के अटूट रिश्ते की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं, लेकिन भाई की कलाई पर राखी बांधने का संकल्प बहनों को इस खतरे के बीच भी आगे बढ़ने से नहीं रोक सका।
कमर तक पानी में पार करनी पड़ी पुलिया
टगारी और वांकलपुर गांव के बीच बने रपटे पर इस समय कमर से ऊपर तक पानी बह रहा है। तेज बहाव के कारण यहां से गुजरना बेहद जोखिम भरा है। जरा सी चूक किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। इसके बावजूद बहनें पानी में उतरकर और तैरते हुए पुलिया पार कर अपने मायके पहुंच रही हैं।
भाई की कलाई सूनी न रहे, इसलिए उठाया जोखिम
रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधने की इच्छा के आगे बहनों ने बाढ़ जैसे हालात की भी परवाह नहीं की। पानी के तेज बहाव के बीच उनका यह सफर भाई-बहन के रिश्ते और भावनाओं की मजबूती को दिखाता है।
मोटरसाइकिल भी कंधे पर उठाकर ले जा रहे लोग
पुलिया पर पानी का बहाव इतना तेज है कि सिर्फ पैदल चलने वाले ही नहीं, बल्कि मोटरसाइकिल सवार भी परेशान हैं। लोग अपनी मोटरसाइकिल को कंधों पर उठाकर पानी पार करने के लिए मजबूर हैं। ऐसे में जरा सा संतुलन बिगड़ने पर इंसान के साथ वाहन के भी बह जाने का खतरा बना हुआ है।