Sitapur Sanskrit week at Naimisharanya

नैमिषारण्य में संस्कृत सप्ताह : गीता-स्वाध्याय के साथ गूंजा 'मम स्थाने संस्कृतम्' का उद्घोष

नैमिष क्षेत्र स्थित आत्मानन्द संस्कृत शिक्षण संस्थान में संस्कृतभारती, सीतापुर के तत्वावधान में चल रहे संस्कृत सप्ताह के अन्तर्गत आज श्रीमद्भगवद्गीता के पाठ एवं स्वाध्याय का विशेष सत्र आयोजित हुआ।

By : विकास जैन
नैमिषारण्य में संस्कृत सप्ताह : गीता-स्वाध्याय के साथ गूंजा 'मम स्थाने संस्कृतम्' का उद्घोष

नैमिषारण्य में संस्कृत सप्ताह : गीता-स्वाध्याय के साथ गूंजा 'मम स्थाने संस्कृतम्' का उद्घोष

हिमांशु सिंह, सीतापुर: नैमिष क्षेत्र स्थित आत्मानन्द संस्कृत शिक्षण संस्थान में संस्कृतभारती, सीतापुर के तत्वावधान में चल रहे संस्कृत सप्ताह के अन्तर्गत आज श्रीमद्भगवद्गीता के पाठ एवं स्वाध्याय का विशेष सत्र आयोजित हुआ। इस अवसर पर बटुकों में संस्कृत भाषा एवं भारतीय ज्ञान-परम्परा के प्रति गहरा उत्साह देखने को मिला।

गीता-पाठ से बटुकों में जागृत हुआ संस्कार-बोध

संस्कृतभारती की कार्यकर्ता अंशु गुप्ता के मार्गदर्शन में बटुकों ने सामूहिक रूप से गीता के चुनिन्दा श्लोकों का शुद्ध उच्चारण सहित पाठ किया। प्रत्येक श्लोक के पश्चात उसका सरल अर्थ भी समझाया गया, जिससे बच्चे न केवल श्लोक कण्ठस्थ कर सकें, अपितु उनमें निहित जीवन-दर्शन को भी आत्मसात कर सकें। स्वाध्याय सत्र में बटुकों को स्वयं श्लोक पढ़ने, समझने तथा आपस में चर्चा करने का अवसर भी दिया गया, जिससे उनकी अभिव्यक्ति क्षमता और आत्मविश्वास में वृद्धि हुई।

"मम स्थाने संस्कृतम्" — दैनिक जीवन में संस्कृत का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान अंशु गुप्ता ने संस्कृतभारती के ध्येय वाक्य "मम स्थाने संस्कृतम्" अर्थात "मेरे स्थान पर संस्कृत" के भाव को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि इस ध्येय वाक्य का उद्देश्य यह है कि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, विद्यालय, कार्यस्थल अथवा जिस भी स्थान पर रहे, वहाँ दैनिक व्यवहार में संस्कृत भाषा का प्रयोग करे। यह केवल भाषा सीखने का आन्दोलन नहीं, अपितु संस्कृत को पुनः जन-जन की बोलचाल की भाषा बनाने का संकल्प है। उन्होंने बटुकों को प्रेरित किया कि वे प्रतिदिन कम से कम कुछ वाक्य संस्कृत में बोलने का अभ्यास करें, जिससे यह भाषा उनके जीवन का स्वाभाविक अंग बन सके।

संस्कृतभारती : 1981 से संस्कृत के पुनरुज्जीवन में समर्पित संस्था

इस अवसर पर संस्कृतभारती के कार्यों की जानकारी देते हुए बताया गया कि यह संस्था वर्ष 1981 से निरन्तर संस्कृत भाषा के पुनरुज्जीवन हेतु कार्यरत है। संस्कृतभारती ने जाति, धर्म, वर्ग तथा भाषा-भेद से ऊपर उठकर देशभर में लाखों लोगों को संस्कृत सम्भाषण का प्रशिक्षण दिया है। संस्था प्रतिवर्ष दस-दिवसीय संस्कृत सम्भाषण शिविरों, बाल संस्कार केन्द्रों, संस्कृत सप्ताह जैसे आयोजनों तथा भाषा-क्रीड़ाओं के माध्यम से बच्चों एवं युवाओं में संस्कृत के प्रति रुचि जागृत करने का कार्य करती है। संस्कृतभारती का मानना है कि खेल-खेल में सीखी गई भाषा बच्चों के मन में स्थायी रूप से बैठ जाती है, जिससे संस्कृत के प्रति व्याप्त भय समाप्त होकर स्वाभाविक लगाव उत्पन्न होता है।

आचार्य सर्वेश शुक्ल ने बताया गीता को जीवन जीने की कला

शिक्षण संस्थान के संस्थापक आचार्य सर्वेश शुक्ल ने बटुकों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि गीता केवल एक धर्मग्रन्थ नहीं, अपितु सम्पूर्ण जीवन जीने की कला सिखाने वाला महान ग्रन्थ है। बाल्यकाल में गीता का स्वाध्याय बच्चों के चरित्र-निर्माण एवं संस्कार-सिंचन में अत्यन्त सहायक सिद्ध होता है। उन्होंने कहा कि नैमिषारण्य जैसी ऋषि-मुनियों की पावन तपोभूमि, जहाँ स्वयं महर्षियों ने अठारह पुराणों की रचना की थी, वहाँ गीता-पाठ का आयोजन अत्यन्त सार्थक एवं प्रेरणादायी है। उन्होंने संस्कृतभारती द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की भूरि-भूरि सराहना करते हुए कहा कि बालकों में बचपन से ही संस्कृत के प्रति रुचि जागृत करना आने वाली पीढ़ियों को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।

मंगलाचरण के साथ सत्र का समापन, आगे भी जारी रहेगा अभियान

कार्यक्रम के अन्त में सभी बटुकों ने एक स्वर में गीता के मंगलाचरण श्लोक का सामूहिक पाठ करते हुए सत्र का समापन किया। संस्कृत सप्ताह के अन्तर्गत आगामी दिनों में भी संस्कृत सम्भाषण, श्लोकोच्चारण, भाषा-क्रीड़ा तथा अन्य ज्ञानवर्धक गतिविधियों के माध्यम से बटुकों को संस्कृत भाषा एवं भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

संबंधित सामग्री

Sitapur Crime: अवैध खनन ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक सवार की ली जान 

Sitapur Crime: अवैध खनन ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक सवार की ली जान 

महोली-बड़ागांव ओवरब्रिज पर सोमवार देर रात मिट्टी का अवैध खनन कर जा रही तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक सवार युवक को कुचल दिया। हादसे में लखीमपुर खीरी के पसिगवां क्षेत्र निवासी उत्तम कुमार सिंह...

Sep 08, 2026
Sitapur jail: जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर की तबीयत बिगड़ने से मौत

Sitapur jail: जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर की तबीयत बिगड़ने से मौत

शहर कोतवाली क्षेत्र में अवैध असलहा फैक्ट्री के मामले में गिरफ्तार होकर जिला जेल भेजे गए 76 वर्षीय हिस्ट्रीशीटर निसार की सोमवार देर रात तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई।

Aug 25, 2026
Sitapur Fertilizer License Suspended: खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन का शिकंजा, दो लाइसेंस निलंबित

Sitapur Fertilizer License Suspended: खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन का शिकंजा, दो लाइसेंस निलंबित

खरीफ सीजन में किसानों को खाद की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए जिला प्रशासन ने उर्वरक विक्रेताओं पर सख्ती बढ़ा दी है।

Jul 25, 2026