भोपाल। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर के दिन भोपाल दौरे से ठीक एक दिन पहले राजधानी की राजनीति गरमा गई है। शुक्रवार को पुलिस ने कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला को उनके कार्यालय में ही नजरबंद कर दिया। शाह 3 अक्टूबर को भोपाल आने वाले हैं। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है और कांग्रेस ने प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए हैं।
शाम को कांग्रेस नेता के दफ्तर पहुंची पुलिस
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस बल शाम के समय मनोज शुक्ला के कार्यालय पहुंचा। अफसरों ने गृह मंत्री के आगमन के मद्देनजर सुरक्षा और व्यवस्था का हवाला दिया। साथ ही शुक्ला की आवाजाही पर रोक लगा दी। यानी वे अपने दफ्तर से बाहर नहीं निकल सके।
लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन
पुलिस की इस कार्रवाई पर शुक्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उनका कहना था कि विपक्ष की जिम्मेदारी जनता के मुद्दे, वादे और समस्याएं सामने रखना है। शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरकार सवालों और विरोध से घबरा गई है। इसलिए प्रशासनिक तंत्र का गलत इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बिना किसी कानूनी आधार के विपक्ष नेता को घर या दफ्तर में कैद करना पूरी तरह अलोकतांत्रिक है।
कार्यकर्ताओं ने बताया तानाशाही
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी इस कदम को लेकर नाराजगी दिखी। उन्होंने इसे तानाशाही बताया और कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का संवैधानिक हक दबाया जा रहा है।
मामले में प्रशासन ने दी सफाई
दूसरी तरफ स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का पक्ष अलग है। उनके अनुसार वीआईपी दौरे की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है।