लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गोंडा में बर्तन व्यापारी विनोद कुमार सहनी की मौत अब सियासी विवाद का रूप ले चुकी है। मामले में योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री
और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद खुलकर अपनी ही सरकार के पुलिस प्रशासन के खिलाफ खड़े नजर आ रहे हैं। पहले उन्होंने लखनऊ के केजीएमयू में धरना दिया। फिर शुक्रवार को गोंडा पहुंचकर फिर प्रदर्शन किया।
दुकान से घर लौटते समय हुआ था हमला
पुलिस के अनुसार, विनोद कुमार सहनी पारसपुर थाना क्षेत्र के रेक्सड़िया गांव के रहने वाले थे और स्थानीय बाजार में बर्तन की दुकान चलाते थे। बुधवार शाम दुकान बंद करने के बाद वह बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में चार बाइक पर करीब 10 लोगों ने उन्हें रोक लिया और कथित तौर पर हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार सहनी गंभीर रूप से घायल हालत में सड़क पर मिले। पहले उन्हें स्थानी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। फिर गोंडा मेडिकल कॉलेज और इसके बाद लखनऊ के केजीएमयू भेजा गया। इलीज के दौरान गुरुवार को उनकी मौत हो गई।
पुलिस की शुरुआती जांच में हमले की वजह सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद बताई गई है। पुलिस का कहना है कि कुछ पोस्ट से स्थानीय लोग नाराज थे। हालांकि पोस्ट की वास्तविक सामग्री और उसके संदर्भ की स्वतंत्र पु्ष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस की कार्रवाई पर संजय निषाद ने उठाए सवाल
सहनी की मौत की जानकारी मिलने के बाद संजय निषाद केजीएमयू पहुंचे और पोस्टमार्टम हाउस में परिवार के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पारसपुर थाना प्रभारी, शाहपुर चौकी प्रभारी और संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनकी मांगों में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, परिवार को सुरक्षा और सरकारी नौकरी देने की मांग भी शामिल है। संजय निषाद ने यह भी कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती और पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिलना चाहिए।
पुलिस ने बाद में पारसपुर एसएचओ, शाहपुर चौकी प्रभारी और एक कॉन्स्टेबल को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबित करन की जानकारी दी। मामले में तीन संदिग्धों शुभम सिंह, आकाश सिंह और सुभाष सिंह को गिरफ्तार किया गया है। कुल 10 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज होने की बात सामने आई है।
गोंडा पहुंचते ही पुलिस फोर्स देखकर भड़के मंत्री
पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को विनोद सहनी का शव गोंडा लाया गया। संजय निषाद भी गोंडा पहुंचे। सर्किट हाउस के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती देखकर मंत्री नाराज हो गए। उन्होंने पुलिस की भारी मौजूदगी पर सवाल उठाया और कहा कि इतनी फोर्स लगाकर सरकार की छवि खराब की जा रही है। इसी दौरान गोंडा पुलिस एसी अभिषे को भी फूल लेकर मंत्री का स्वागत करने पहुंचे। लेकिन मंत्री उनसे भी नाराज नजर आए। संजय निषाद ने इससे पहले चेतावनी दी थी कि कार्रवाई नहीं होने पर वह पुलिस एसपी के कार्यालय और आवास का घेराव करेंगे। शुक्रवार को उनका धरना इसी विरोध का अगला चरण माना जा रहा है।
बड़ी खबर-
अपनी ही सरकार के ख़िलाफ़ फिर से धरने पर बैठे कैबिनेट मंत्री संजय निषाद।
योगी आदित्यनाथ के दौर में पुलिस के पूरी तरह बेलगाम हो जाने का एक और सबूत सामने रखते?
बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के लखनऊ आगमन को ध्वस्त हो चुके सिस्टम की सलामी देते!!
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मंत्री के धरने में सफा नेता भी पहुंचे
इस पूरे घटनाक्रम का राजनीतिक पहलू भी खास है। बीजेपी की सहयोगी निषाद पार्टी के अध्यक्ष और सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के धरने में सपा के नेता भी शामिल हुए। सपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप ने धरने में पहुंचकर पुलिस और प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई। वीआईपी पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी भी KGMU पहुंचे और पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग की।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मामले में प्रतिक्रिया देते हुए उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की। हालांकि विनोद सहनी की राजनीतिक संबद्धता को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। संजय निषाद ने उन्हें निषाद पार्टी का कार्यकर्ता बताया। वहीं, अखिलेश यादव ने उन्हें सपा से जुड़ा बताया है।