धर्म। ज्योतिषीय गणनाओं में अमावस्या विष योग को लेकर 11 सितंबर की तारीख खास मानी जा रही है। इस दिन भाद्रपद अमावस्या रहेगी और चंद्रमा के राशि परिवर्तन के बाद शनि के साथ विशेष संबंध बनने की बात कही गई है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इसे विष योग कहा जाता है। इसका असर सभी राशियों पर समान नहीं माना जाता। खास तौर पर सिंह, तुला और कुंभ राशि के जातकों को इस दौरान आर्थिक मामलों और महत्वपूर्ण फैसलों में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
11 सितंबर को कैसे बनेगा विष योग
ज्योतिषीय गणना के अनुसार 11 सितंबर को चंद्रमा सिंह राशि से निकलकर रात करीब 7:08 बजे कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद चंद्रमा और शनि के बीच सप्तम दृष्टि संबंध बनने की बात कही जा रही है। ज्योतिष में चंद्रमा को मन और भावनाओं से जोड़ा जाता है, जबकि शनि को कर्म, अनुशासन, देरी और कठिन परिस्थितियों का कारक माना जाता है। दोनों के इस संबंध को कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण बताया गया है।
बताया गया है कि इसका प्रभाव 11 सितंबर की रात से शुरू होकर 13 सितंबर की देर रात तक रह सकता है। हालांकि अलग-अलग ज्योतिषीय व्याख्याओं में इसके प्रभाव की अवधि को लेकर अंतर भी मिलता है। ऐसे में इस दौरान जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचने की सलाह दी जाती है।
सिंह राशि वालों को धन के मामले में सतर्कता
सिंह राशि के जातकों के लिए यह अवधि आर्थिक और पारिवारिक मामलों में सावधानी वाली हो सकती है। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक चंद्रमा दूसरे भाव और शनि आठवें भाव में रहेंगे। इस स्थिति में निवेश या बड़े वित्तीय लेनदेन से पहले पूरी जानकारी जुटाना बेहतर माना जा रहा है। किसी के कहने मात्र से पैसा लगाने या बिना जांच के संपत्ति से जुड़ा फैसला लेने से बचें। परिवार सेतुला राशि वालों के लिए नौकरी और धन से जुड़े मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। गणना के अनुसार चंद्रमा बारहवें भाव और शनि छठ जुड़े मामलों में भी बातचीत के दौरान संयम रखना उपयोगी रहेगा।
तुला राशि के लिए नौकरी में सावधानी जरूरी
तुला राशि वालों के लिए नौकरी और धन से जुड़े मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। गणना के अनुसार चंद्रमा बारहवें भाव और शनि छठे भाव में रहेंगे। कार्यस्थल पर प्रतिस्पर्धा या विरोध जैसी स्थिति बन सकती है। ऐसे में किसी काम को जल्दबाजी में पूरा करने के बजाय उसे दोबारा जांच लेना बेहतर रहेगा। छोटी गलती भी परेशानी खड़ी कर सकती है, इसलिए काम से जुड़े दस्तावेजों और जरूरी जानकारी को ध्यान से देखें।
कुंभ राशि पर मानसिक दबाव का संकेत
कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण बताया जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार चंद्रमा आठवें भाव और शनि दूसरे भाव में रहेंगे। इसे अचानक आने वाली परेशानियों और मानसिक दबाव से जोड़कर देखा जाता है। इस दौरान मेहनत के मुताबिक परिणाम न मिलने से निराशा हो सकती है। ऐसे समय में धैर्य रखना जरूरी होगा। आर्थिक मामलों में भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह है। बिना सोचे किसी को पैसा उधार देने या जोखिम वाले सौदे में शामिल होने से बचना बेहतर माना जा रहा है। बचत पर ध्यान देना फायदेमंद हो सकता है।
अमावस्या पर क्या कर सकते हैं
भाद्रपद अमावस्या का धार्मिक महत्व भी माना जाता है। इस दिन स्नान, दान, पितरों का स्मरण और तर्पण जैसी परंपराएं निभाई जाती हैं। श्रद्धालु अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, वस्त्र, तिल और अन्य वस्तुओं का दान करते हैं। कई घरों में अमावस्या की शाम दीपक जलाकर ईश्वर का स्मरण करने की परंपरा भी है। धार्मिक मान्यताओं में इस दिन को आत्मचिंतन और पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के अवसर के रूप में देखा जाता है।
विष योग को लेकर बताई जा रही ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सिंह, तुला और कुंभ राशि के लोगों को इस अवधि में बड़े आर्थिक जोखिम, बेवजह के विवाद और जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से बचना चाहिए। हालांकि ज्योतिषीय फलादेश व्यक्ति की जन्मकुंडली और दशा आदि के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।