धर्म। कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और उनकी कृपा प्राप्त करने का विशेष पर्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कृष्ण को तुलसी बेहद प्रिय है। यही वजह है कि कान्हा को भोग लगाते समय तुलसीदल अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है।
जन्माष्टमी के दिन तुलसी से जुड़े कुछ विशेष उपाय करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहने और भगवान श्रीकृष्ण के साथ मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होने की मान्यता है। वहीं, इस दिन तुलसी से जुड़ी कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है।
कृष्ण को भोग में जरूर चढ़ाएं तुलसीदल
जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री, पंजीरी, पंचामृत या अन्य प्रसाद का भोग लगाते समय उसमें तुलसी का एक पत्ता जरूर रखें। धार्मिक मान्यता है कि तुलसीदल अर्पित करने से भोग की पूजा पूर्ण मानी जाती है। अगर पूजा के लिए तुलसी के पत्ते चाहिए, तो उन्हें पहले ही तोड़कर रख लेना बेहतर माना जाता है।
तुलसी के सामने जलाएं घी का दीपक
जन्माष्टमी की शाम तुलसी के पौधे के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इसके बाद ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करते हुए तुलसी की 11 या 21 बार परिक्रमा करें। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है और सुख-शांति की प्राप्ति होती है।
तुलसी को लाल चुनरी और कलावा करें अर्पित
जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर तुलसी के पौधे को लाल चुनरी अर्पित करें और तने पर कलावा बांधें। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान करते हुए अपनी मनोकामना उनके सामने रखें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और विधि-विधान से किया गया यह उपाय मनोकामना पूर्ति के लिए शुभ माना जाता है।
तुलसी मंजरी से करें यह उपाय
अगर आपके तुलसी के पौधे में मंजरी आई हुई है, तो जन्माष्टमी के दिन थोड़ी-सी मंजरी भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में अर्पित कर सकते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से आर्थिक परेशानियां कम होती हैं और घर में धन-समृद्धि का मार्ग खुलता है।
वैवाहिक जीवन में सुख-शांति के लिए
पति-पत्नी के बीच तनाव या मनमुटाव चल रहा हो तो जन्माष्टमी के दिन तुलसी के पौधे के पास बैठकर राधा-कृष्ण का ध्यान करें। तुलसी को सुहाग की सामग्री अर्पित कर दांपत्य जीवन में सुख-शांति की प्रार्थना करें।
जन्माष्टमी पर तुलसी से जुड़ी ये गलतियां न करें
जन्माष्टमी के दिन तुलसी से जुड़े कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी माना जाता है।
तुलसी के पत्ते न तोड़ें: जन्माष्टमी के दिन तुलसीदल तोड़ना धार्मिक रूप से वर्जित माना जाता है। पूजा के लिए पत्ते चाहिए तो सप्तमी के दिन ही तोड़कर रख लें।
बिना स्नान तुलसी को न छुएं: तुलसी के पौधे को स्पर्श करने से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
खंडित तुलसीदल न चढ़ाएं: पूजा में साफ और साबुत तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल करें।
तुलसी के आसपास गंदगी न रखें: पौधे के पास जूते-चप्पल, कूड़ा या अन्य गंदगी न रखें। जन्माष्टमी पर तुलसी के आसपास का स्थान विशेष रूप से साफ रखें।
नोट: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। अलग-अलग स्थानों और परंपराओं में नियमों में अंतर हो सकता है।