क्रिकेट। भारत और पाकिस्तान के बीच एशियन गेम्स फाइनल का मंच सज गया है। एशियन गेम्स 2026 के क्रिकेट में गोल्ड मेडल के लिए अब भारत और पाकिस्तान आमने सामने होंगे। मुकाबला 3 अक्टूबर को भारतीय समय के अनुसार सुबह 9:30 बजे शुरू होगा। भारत पिछले एशियाई खेलों में हांगझोऊ में गोल्ड जीत चुका है। यानी इस बार उसके सामने खिताब बचाने की चुनौती होगी।
सेमीफाइनल में शुरू में लड़खड़ाई भारत
भारत ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को एकतरफा अंदाज में 124 रन से हराया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने सात विकेट पर 169 रन बनाए। इसमें सबसे बड़ा योगदान ईशान किशन का रहा। वह 80 रन बनाकर नाबाद पैवेलियन लौटे। पिच आसान नहीं थी और गेंद बीच बीच में अतिरिक्त उछाल ले रही थी। इसलिए यह स्कोर अच्छा साबित हुआ।
श्रीलंका 45 रन पर सिमटी
जवाब में श्रीलंका की शुरुआत ही बिगड़ गई। पहले ही ओवर में दो विकेट गिर गए और खाता तक नहीं खुला। पावरप्ले खत्म होने तक टीम 31 रन पर 6 विकेट खो चुकी थी। जसप्रीत बुमराह ने अपने पहले ओवर में 2 विकेट झटके। अक्षर पटेल ने भी दो शिकार किए। वहीं, श्रीलंका के तीन बल्लेबाज रन आउट हुए। आखिर में पार्ट टाइम स्पिनर अभिषेक शर्मा ने लगातार दो गेंदों पर विकेट लेकर पारी समेट दी। श्रीलंका की पूरी टीम 9.5 ओवर में 45 रन पर ढेर हो गई।
पहले सेमीफाइनल में बांग्लादेश पाकिस्तान से हारी
पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने बांग्लादेश को 6 विकेट से शिकस्त दी। बांग्लादेश की टीम 7 विकेट पर 111 रन ही बना सकी। साहिबजादा फरहान की कप्तानी वाली पाकिस्तानी टीम ने चार विकेट खोकर यह लक्ष्य 9 गेंद पहले हासिल कर लिया। पाकिस्तान के लिए यह जीत इसलिए भी खास है कि पिछले एशियन गेम्स में उनके हाथ कोई मेडल नहीं लगा था। तब टीम बांग्लादेश के खिलाफ ब्रॉन्ज मेडल मैच भी नहीं जीत पाई थी।
ब्रॉन्ज के लिए बांग्लादेश और श्रीलंका की टक्कर
सेमीफाइनल हारने वाली बांग्लादेश और श्रीलंका की टीमें अब कास्य पदक के लिए प्ले ऑफ खेलेंगी। यह मैच और गोल्ड मेडल का फाइनल दोनों मुकाबले शनिवार को खेले जाएंगे।
अब बड़ा सवाल क्या हाथ मिलाएंगे भारत-पाकिस्तान
गोल्ड मेडल मैच से पहले एक सवाल फिर चर्चा में है। क्या दोनों टीमों के खिलाड़ी आपस में हाथ मिलाएंगे। पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारतीय खिलाड़ी एशिया कप और आईसीसी इवेंट्स में पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हैंडशेक नहीं कर रहे हैं। इसके जरिए वे भारतीय सशस्त्र बलों के साथ एकजुटता दिखाते हैं। अब देखना यह है कि टीम मैनेजमेंट एशियन गेम्स में भी यही नीति रखता है या प्रोटोकॉल निभाता है।