क्रिकेट। भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर चल रही अटकलों के पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने फिलहाल विराम लगा दिया है। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने रिव्यू मीटिंग के बाद रोहित शर्मा के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए साफ संकेत दिया है कि फिलहाल उनकी वनडे टीम में जगह को लेकर कोई खतरा नहीं है।
दरअसल, रोहित शर्मा के 2027 वनडे वर्ल्ड कप में खेलने को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है। यहां तक कि इस महीने के अंत में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज से उन्हें बाहर किए जाने की अटकलें भी सामने आई थीं। हालांकि बीसीसीआई सचिव के बयान के बाद इन चर्चाओं को बड़ा झटका लगा है।
रोहित शर्मा को लेकर क्या बोली बीसीसीआई
मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय में गुरुवार को रिव्यू मीटिंग हुई। इसमें बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया, हेड कोच गौतम गंभीर, कप्तान शुभमन गिल, टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर और सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण मौजूद रहे। चीफ सिलेक्टर निजी कारणों से बैठक में शामिल नहीं हो सके। मीटिंग के बाद जब रोहित शर्मा के वनडे फ्यूचर को लेकर सवाल किया गया तो सैकिया ने उनके हालिया प्रदर्शन का हवाला देते हुए अटकलों पर सवाल उठाया।
सैकिया ने कहा कि रोहित शर्मा सभी मैचों में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और पिछले मैच में उन्होंने 130-140 रन बनाए थे। ऐसे में उनके भविष्य को लेकर लगातार अटकलें क्यों लगाई जा रही हैं, यह समझ से परे है।
लॉर्ड्स में रोहित ने जड़ा था शानदार शतक
रोहित शर्मा फिलहाल टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और भारत के लिए सिर्फ वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं। उन्होंने अपना पिछला वनडे इंग्लैंड दौरे पर जुलाई में खेला था। लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले में रोहित शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 110 गेंदों पर 138 रन बनाए थे। उनकी पारी में 17 चौके और 5 छक्के शामिल थे। इस शतक के साथ वह लॉर्ड्स के मैदान पर वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बने। रोहित के इस प्रदर्शन ने उनके संन्यास को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी काफी हद तक विराम लगा दिया था।
वर्ल्ड कप 2027 को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं
हालांकि बीसीसीआई सचिव के बयान से रोहित की मौजूदगी वनडे जगह को लेकर सकारात्मक संकेत जरूर मिले हैं। लेकिन 2027 वर्ल्ड कप तक उनकी उपलब्धता को लेकर अंतिम फैसला अभी बाकी माना जा सकता है। रोहित की उम्र और भविष्य के शेड्यूल को देखते हुए चयनकर्ताओं के सामने टीम के संतुलन और युवा खिलाड़ियों को मौका देने की चुनौती भी रहेगी। ऐसे में आने वाली वनडे सीरीज में उनका प्रदर्शन काफी अहम होगा।
खिलाड़ियों की चोंट पर भी बोर्ड ने जताई चिंता
रिव्यू मीटिंग में भारतीय खिलाड़ियों की फिटनेस और लगातार बढ़ते मैचों के दबाव पर भी चर्चा हुई। कई प्रमुख खिलाड़ी चोटों से जूझ रहे हैं। वहीं, कुछ खिलाड़ियों की उपलब्धता फिटनेस क्लियरेंस पर निर्भर है। देवजीत सैकिया ने कहा कि खिलाड़ियों को लगातार काफी मुकाबले खेलने पड़ रहे हैं। इंग्लैंड दौरे पर वनडे सीरीज के लिए गई भारतीय टीम में भी कई खिलाड़ी चोटिल हुए थे। उन्होंने आईपीएल के लंबे सीजन के बाद खिलाड़ियों पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव का भी जिक्र किया।
खिलाड़ियों के लिए बेहतर शेड्यूल बनाने की तैयारी
बीसीसीआई सचिव ने बताया कि बोर्ड मौजूदा फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम के तहत खिलाड़ियों के वर्कलोड को बेहतर तरीके से मैनेज करने के विकल्प तलाश रहा है। उन्होंने कहा कि चोट के बाद खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के लिए पहले से एक प्रोटोकॉल मौजूद है। इसके अलावा कप्तानों और हेड कोच से फीडबैक लेकर ऐसी रणनीति तैयार की जा रही है। इससे खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम मिल सके।
दरअसल, बोर्ड की योजना है कि अघले एफटीपी में खिलाड़ियों को पर्याप्त रेस्ट दिया जाए और SENA देशों में बड़ी सीरीज से पहले परिस्थितियों के अनुकूल ढलने के लिए प्रैक्टिस मैचों की व्यवस्था भी की जाए।