न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
पूजा शर्मा/पटना: जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय झा ने फरक्का संधि को लेकर आज JDU ऑफिस में पीसी की। उन्होंने कहा कि फरक्का संधि बिहार से जुड़ा हुआ मुद्दा है। बिहार का पानी बांग्लादेश जा रहा है और इस स्थिति को किसी भी हालत में बदलना होगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि फरक्का संधि आगे नहीं बढ़नी चाहिए। अगर संधि आगे बढ़ती भी है तो बिहार का हिस्सा तय करने के बाद ही समझौता होना चाहिए।
संजय झा ने कहा कि 12 दिसंबर को फरक्का संधि की अवधि खत्म हो रही है। इसी वजह से जदयू ने इस मुद्दे को उठाया है। उन्होंने कहा कि समझौता अगर आगे होता है तो बिहार के हितों को ध्यान में रखकर होना चाहिए। बिहार के हिस्से का पानी तय किए बिना संधि को आगे बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं है।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल का जिक्र करते हुए कहा कि किसी ने उन्हें समझा दिया था कि फरक्का समझौता करने पर नोबेल पुरस्कार मिलेगा, इसलिए उन्होंने यह समझौता कर लिया। संजय झा ने दावा किया कि बिहार के पानी का इस्तेमाल दूसरे स्थानों पर हो रहा है और इसका असर राज्य पर पड़ रहा है।
जदयू नेता ने फरक्का संधि को बिहार में बाढ़ की समस्या से भी जोड़ते हुए कहा कि राज्य में आने वाली बाढ़ के पीछे इस संधि की भी भूमिका है। उन्होंने कहा कि बिहार के हितों को देखते हुए इस समझौते पर नए सिरे से विचार किया जाना जरूरी है। संजय झा ने आरोप लगाया कि विपक्ष के लोग इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर उन्हें जनता का पूरा समर्थन मिल रहा है।
बख्तियारपुर का नाम बदलकर नीतीशपुर किए जाने की मांग पर संजय झा ने कहा कि नीतीश कुमार कभी भी अपने नाम पर किसी जगह का नाम रखने के पक्ष में नहीं रहे हैं। वह काम के जरिए जवाब देते हैं। हालांकि, उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत राय बताया। हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन ने बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ करने की मांग की है।
हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन ने बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ करने की मांग की है।