केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार, 21 अक्टूबर को दिल्ली में पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर 31 दिसंबर 2029 तक भारत को नशे की समस्या से मुक्त करने का लक्ष्य दोहराया। राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने के बाद उन्होंने कहा कि इस अभियान में देशभर की पुलिस और संबंधित एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा ।
शाह ने इस दौरान नशे के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान के संदेश के साथ मोटरसाइकिल रैली को भी रवाना किया, सरकार का कहना है कि इस मुहिम का मकसद नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाना और युवाओं को नशे से बचाना है।
नशे के खिलाफ देशव्यापी अभियान
अमित शाह ने कहा कि नशे की समस्या आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को नुकसान पहुंचाती है । इससे अर्थव्यवस्था पर भी बोझ पड़ता है और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से देशविरोधी गतिविधियों में शामिल संगठनों को आर्थिक मदद मिल सकती है।
उन्होंने पुलिस बलों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तैयार ‘नशा मुक्त भारत’ के रोडमैप को जमीन पर लागू करने की अपील की, इस अभियान में केंद्र और राज्यों की एजेंसियों के बीच तालमेल को अहम माना गया है।
नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई का भी किया जिक्र
गृह मंत्री ने अपने संबोधन में नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि देश ने आंतरिक सुरक्षा की कई बड़ी चुनौतियों का सामना किया है । उन्होंने पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के बलिदान को देश की सुरक्षा और विकास की नींव बताया।
सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक नशे की समस्या से निपटने का लक्ष्य रखा है,। अब इस दिशा में अभियान की प्रगति और केंद्र-राज्य एजेंसियों के प्रयासों पर नजर रहेगी।