अहमदाबाद। गुजरात के निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। शाह ने राहुल को आत्मनिरीक्षण की सलाह दी और सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस की लगातार चुनावी हार को भी विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का नतीजा बताया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस को 2029 के लिए हार का मन बना लेने की बात भी कही।
गुजरात के नतीजों पर शाह का दावा
अमित शाह ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने 32 सीटों पर चुनाव लड़ा और सभी 32 पर उसकी जमानत जब्त हो गई। उनके अनुसार गुजरात के वोटर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मजबूती से खड़े हैं। शाह ने दावा किया कि गांधीनगर नगर पालिका में भाजपा के वोट प्रतिशत में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि वह गुजरात में आखिरी बार 1985 में जीती थी और 41 साल बाद भी जीत नहीं पाई है। अमित शाह ने कहा कि मोदी की जीत को एसआईआर से जोड़कर खारिज करने के बजाय कांग्रेस को हार की वजहों पर सोचना चाहिए।
"राहुल गांधी और उनके साथियों को मैं ये बताना चाहता हूं कि 2029 में प्रचंड हार के लिए मन बना लीजिए..."- अमित शाह https://t.co/Y8TUEsiCdd
— Akshay Pratap Singh (@AkshayPratap94) October 13, 2026
दूसरे राज्यों के उपचुनावों का हवाला
शाह ने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुदुचेरी के उपचुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस को इनमें एक भी सीट नहीं मिली। उन्होंने दावा किया कि असम के नौगांव में बीजेपी ने कांग्रेस से सीट छीन ली। बंगाल के नंदीग्राम में भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार की जीत और रेजीनगर में तृणमूल से सीट जीतने की बात भी उन्होंने कही। पुदुचेरी में एनडीए के साथ एआईएनआरसी के उम्मीदवार की जीत का हवाला देते हुए शाह ने इसे कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का संकेत बताया। ये सभी आंकड़े शाह के अपने दावे हैं।
राजस्थान और त्रिपुरा का गणित
राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों पर शाह ने दावा किया किय भाजपा ने नगर निगम की 90 फीसदी, नगर परिषद की 66 फीसदी और नगर पालिकाओं की 65 प्रतिशत सीटें जीतीं। त्रिपुरा की ग्राम समिति के चुनावों में कुल 4600 सीटों में से एनडीए को 4000 सीटें मिलने की बात बताई। शाह ने खास तौर पर जोर दिया कि त्रिपुरा के ये चुनाव बैलेट बॉक्स से हुए। चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने वालों को निशाना बनाते हुए उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में कांग्रेस 30 साल से और बंगाल में 56 साल से नहीं जीती है।
राहुल की विपक्षी एकजुटता और एसआईआर पर शाह
शाह का कहना था कि राहुल गांधी के कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद से भाजपा लगातार चुनाव जीत रही है। विपक्ष को एकजुट करने की सलाह की कोशिशों पर भी उन्होंने सवाल उठाया। शाह ने कहा कि 14 पार्टियों के कार्यकर्ताओं को जुटाने और 8000 लोगों की भीड़ इकट्ठा करने से कोई देश की आवाज नहीं बन जाता। उनके अनुसार जनता की आवाज गांवों, खेतों, जंगलों और दूर दराज के इलाकों में है। उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और बंगाल का नाम लेकर उन्होंने कहा कि वहां भी जनता ने कांग्रेस को हराया है।
शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एसआईआर के बहाने घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रही है। इतना ही नहीं जनता इस राजनीति को समझ चुकी है। उन्होंने भरोसा जताया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी और एनडीए मोदी के नेतृत्व में फिर प्रचंड बहुमत से लौटेंगे। हालांकि 2029 को लेकर यह शाह का राजनीतिक दावा है। यह कोई चुनावी नतीजा नहीं है।