देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा रहा है। उत्तर प्रदेश के 23 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं और अब तक 16 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। वहीं बिहार में करीब 5 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि मध्य प्रदेश में मंदाकिनी और नर्मदा समेत कई नदियां उफान पर हैं।हिमाचल प्रदेश में भी बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं ने इस मानसून में भारी तबाही मचाई है। राज्य में अब तक 266 लोगों की मौत हो चुकी है। देश के अलग-अलग हिस्सों में नदियों का जलस्तर बढ़ने, जलभराव और भूस्खलन के कारण जनजीवन प्रभावित है।
यूपी के 23 जिलों में बाढ़, 16 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा-यमुना समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। 23 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हैं। वाराणसी और चित्रकूट सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में हैं।प्रशासन और राहत-बचाव टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रही हैं। अब तक 16 हजार से अधिक लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से बाहर निकाला जा चुका है।गोंडा में घाघरा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने निगरानी बढ़ाने के साथ ड्रोन से भी स्थिति का जायजा लेना शुरू किया है।कानपुर के मेहरबान सिंह का पुरवा, गोपालपुर और मर्दनपुर गांवों में पांडव नदी का पानी बढ़ने से कई घरों में पानी घुस गया है। लोग जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।बिजनौर में गंगा का पानी हाईवे के ऊपर से बह रहा है। बाढ़ की स्थिति का असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई दे रहा है।
बिहार में 16 जिलों में बाढ़, 5 लाख लोग प्रभावित
बिहार में बाढ़ से 16 जिलों के करीब 5 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। गंगा समेत आठ प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सुरक्षा को देखते हुए पटना सुरक्षा दीवार के सभी 108 रास्ते बंद कर दिए गए हैं, ताकि नालों के रास्ते शहर में पानी न घुसे।कटिहार में गंगा, कोसी और बरंडी नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। प्रतापगंज का मध्य विद्यालय पानी से घिर गया है और बच्चे नाव से स्कूल पहुंच रहे हैं।
MP में मंदाकिनी-नर्मदा उफान पर, बांधों से छोड़ा जा रहा पानी
मध्य प्रदेश में भी कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि नर्मदा में भी जलस्तर बढ़ा हुआ है।छतरपुर, सतना, मंडला और मैहर समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। छतरपुर के कुटनी और जबलपुर के बरगी बांध से पानी छोड़ा जा रहा है।भोपाल में गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात बारिश हुई। मौसम विभाग ने राज्य में अगले 48 घंटे के दौरान भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रदेश में अब तक 29.2 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य कोटे का करीब 78% है।मंडला में नर्मदा नदी का पानी छोटे पुल के करीब तक पहुंच गया है। प्रशासन की ओर से नदी और निचले इलाकों पर नजर रखी जा रही है।
हिमाचल में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 266 मौतें
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश से जुड़ी घटनाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया है। अब तक 266 लोगों की मौत हो चुकी है।इनमें 158 मौतें सड़क हादसों में, 18 लैंडस्लाइड, 13 डूबने और एक मौत फ्लैश फ्लड के कारण हुई है। बाकी मौतें अलग-अलग घटनाओं में हुई हैं।राज्य में अगले 48 घंटे भी मौसम पूरी तरह राहत देने वाला नहीं है। तीन जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस मानसून सीजन में एक जून से तीन सितंबर तक सरकारी और निजी संपत्तियों को करीब 1,235 करोड़ रुपए का नुकसान होने की जानकारी है।धर्मपुर के जाबली में भारी बारिश के बाद पानी दुकानों और रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है।
पंजाब में 5 जिलों में बारिश का अलर्ट
पंजाब में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। जालंधर और पठानकोट में शुक्रवार को बारिश हुई, जबकि चंडीगढ़ और मोहाली में बादल छाए रहे।मौसम विभाग ने पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर, नवांशहर और मोहाली में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। चंडीगढ़ के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
हरियाणा में 10 जिलों में यलो अलर्ट
हरियाणा में कमजोर पड़ा मानसून अगले दो दिनों में फिर सक्रिय हो सकता है। शुक्रवार को पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बारिश का जोर रहने की संभावना है।5 सितंबर को बारिश का दायरा मध्य और दक्षिणी हरियाणा तक बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने 10 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।
राजस्थान के 24 जिलों में बारिश का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में बने वेलमार्क लो-प्रेशर सिस्टम का असर राजस्थान में भी दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को राज्य के 24 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।जयपुर और आसपास के इलाकों में सुबह से घने बादल छाए रहे और कई जगह हल्की बारिश हुई।
झारखंड में अगले छह दिन मौसम बदला रहेगा
झारखंड में अगले छह दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहने का अनुमान है। शुक्रवार से राज्य के कुछ हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।लगातार बढ़ते जलस्तर और बारिश के बीच उत्तर भारत से मध्य भारत तक प्रशासन और राहत एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने और बाढ़ के पानी को आबादी वाले क्षेत्रों में फैलने से रोकने की है।