देश के कई राज्यों में बारिश और बाढ़ से हालात बिगड़े हुए हैं। उत्तराखंड में बर्फबारी और लैंडस्लाइड के कारण 86 सड़कें बंद हैं, जबकि उत्तरकाशी के ऊंचाई वाले इलाकों में 136 पर्वतारोही, ट्रैकर और सपोर्ट स्टाफ फंसे हुए हैं। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश और बिहार में नदियों के उफान से कई गांव और सड़कें प्रभावित हुई हैं।
उत्तराखंड में आदि कैलाश मार्ग समेत कई प्रमुख रास्ते बंद होने से आवाजाही प्रभावित है। चमोली में 21, नैनीताल में 18 और पिथौरागढ़ में 15 सड़कें बंद बताई गई हैं। मौसम विभाग ने राज्य के सात जिलों में यलो अलर्ट भी जारी किया है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बीच फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
यूपी में नदियां उफान पर, कई इलाकों में जलभराव
उत्तर प्रदेश में पिछले चार दिनों से हो रही बारिश के बाद आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गोंडा और बदायूं में छोटे पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है। कई इलाकों में घरों और दुकानों में पानी भर गया है।कुशीनगर के दो गांवों में करीब 1,400 परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इनमें करीब 600 परिवारों ने घर छोड़कर तटबंधों पर शरण ली है। कानपुर समेत कई शहरों में जलभराव के बाद NDRF और PAC की टीमें रेस्क्यू अभियान में जुटी हैं। राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार में नेपाल से छोड़े पानी के बाद बढ़ी चिंता
बिहार में भी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने मुश्किल बढ़ाई है। नेपाल से गंडक नदी में बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद पश्चिम चंपारण और सुपौल के कई गांव बाढ़ की चपेट में आए हैं। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक करीब 82 हजार लोग प्रभावित हुए हैं।नेपाल के देवघाट गेज स्टेशन से 6.52 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि यह 1999 के बाद सबसे ज्यादा जलप्रवाह है। सुपौल में तेज बारिश के बाद कई सड़कों पर 2 से 3 फीट तक पानी भर गया।
हिमाचल में बारिश-बर्फबारी से तापमान गिरा
हिमाचल प्रदेश में ताजा बारिश और बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। किन्नौर के कल्पा में अधिकतम तापमान सामान्य से 12.1 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा और यह 8.2 डिग्री दर्ज किया गया।ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण ठंड बढ़ गई है। मौसम में बदलाव का असर राज्य के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है।
छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र तक बारिश का असर
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के कारण महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हैं। छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव समेत 12 जिलों में तेज हवा और बारिश की संभावना जताई गई है।मध्य प्रदेश के भी कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से बारिश का दौर जारी है। उमरिया समेत कई इलाकों में नदियां उफान पर हैं। हालांकि मौसम विभाग के मुताबिक अगले चार दिनों में प्रदेश के किसी भी जिले में भारी या अति भारी बारिश की संभावना नहीं है। राज्य में मानसून की विदाई भी अब करीब है।
राजस्थान में भी बारिश और आंधी का अलर्ट
राजस्थान के 13 जिलों में सोमवार को बारिश और तेज हवाओं का यलो अलर्ट है। कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है। श्रीगंगानगर में सुबह तेज आंधी के साथ बूंदाबांदी हुई, जिससे कुछ देर के लिए दिन में अंधेरा जैसा माहौल बन गया।फिलहाल देश के कई राज्यों में बारिश का असर अलग-अलग रूप में देखने को मिल रहा है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और लैंडस्लाइड से रास्ते बंद हैं, जबकि मैदानी इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। अब निगाहें अगले कुछ दिनों के मौसम पूर्वानुमान और प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव कार्यों पर हैं।