भारतीय शेयर बाजार ने कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन सीमित दायरे में कारोबार के बीच बढ़त के साथ सप्ताह का अंत किया। सेंसेक्स 363 अंक चढ़कर 76,515 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 24 अंक की बढ़त के साथ 23,898 के स्तर पर रहा।हालांकि, बाजार की पूरी तस्वीर एक जैसी नहीं रही। मिडकैप शेयरों में दबाव देखने को मिला और मिडकैप इंडेक्स 156 अंक गिरकर 63,079 पर बंद हुआ। निफ्टी बैंक भी 11 अंक फिसलकर 57,370 पर रहा।सेक्टर के स्तर पर कैपिटल मार्केट और मेटल शेयरों में खरीदारी रही। दूसरी ओर रियल्टी, फार्मा और IT शेयर दबाव में रहे। निफ्टी के 50 में से 28 शेयरों में बिकवाली हुई। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। बैंक निफ्टी के 14 में से 9 शेयरों में बिकवाली रही।
बाजार की आगे की दिशा
शुक्रवार को निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स ने लगातार चार कारोबारी दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा और मामूली रिकवरी दर्ज की।पूरे हफ्ते बाजार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी मिडकैप 100 गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स ने बेहतर मजबूती दिखाई।अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव का असर ग्लोबल इक्विटी मार्केट पर भी दिखा। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेजी से भारत के लिए राजकोषीय और महंगाई से जुड़े जोखिम बढ़े हैं।ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। इसके चलते सॉवरेन बॉन्ड यील्ड कई साल के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी ने भारत समेत दुनिया के इक्विटी बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ाया।घरेलू मोर्चे पर तस्वीर अपेक्षाकृत मजबूत रही। भारत की Q1FY27 रियल GDP ग्रोथ 7.8% रही। एक्सपोर्ट और इन्वेस्टमेंट में मजबूत ग्रोथ के दम पर यह बाजार की उम्मीदों से बेहतर रही। हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स भी उत्साहजनक बने हुए हैं। हालांकि, त्योहारों के बाद आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार अहम रहेगी।
भारतीय रुपये में मजबूती
भारतीय रुपये ने भी इस हफ्ते क्रूड ऑयल और बॉन्ड यील्ड के दबाव के बावजूद मजबूती दिखाई। इसे FCNR डिपॉजिट इनफ्लो से सहारा मिला।जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका कम होने से भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली और मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने बाजार की तेजी को सीमित रखा।
अगले हफ्ते CPI आंकड़े
अब निवेशकों की नजर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों पर है। अगले हफ्ते आने वाले अमेरिकी CPI आंकड़े भी ब्याज दरों की आगे की दिशा के संकेत के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे।अगस्त में कोर महंगाई में मामूली गिरावट की उम्मीद है। इससे फेड की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी पर कुछ समय के लिए रोक की संभावना मजबूत हो सकती है। इससे बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित रखने में भी मदद मिल सकती है।घरेलू बाजार में चुनिंदा शेयरों और सेक्टरों में खरीदारी जारी रही। स्मॉलकैप इंडेक्स ने इंट्राडे में अब तक का नया उच्चतम स्तर भी छुआ। मजबूत अर्निंग ग्रोथ, टिकाऊ आर्थिक विकास और घरेलू मांग के चलते ब्रॉडर मार्केट में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।
निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक
शुक्रवार को निफ्टी की ट्रेडिंग रेंज 107 अंकों की रही। इंडेक्स 0.10% की बढ़त के साथ लगभग सपाट स्तर पर बंद हुआ।डेली टाइमफ्रेम पर निफ्टी ने अपर शैडो वाली छोटी बॉडी की बेयरिश कैंडल बनाई। यह बाजार में अनिश्चितता और किसी स्पष्ट दिशा के अभाव का संकेत है।पिछले पांच सेशन में निफ्टी करीब 348 अंकों की रेंज में कारोबार कर रहा है। जब तक किसी एक दिशा में निर्णायक ब्रेकआउट नहीं होता, तब तक बाजार में कंसोलिडेशन जारी रहने के संकेत हैं।टेक्निकल स्तर पर निफ्टी अभी 20-डे और 50-डे EMA के नीचे कारोबार कर रहा है। इससे निकट अवधि का स्ट्रक्चर सतर्क बना हुआ है। डेली RSI 30–50 जोन में है। यह स्पष्ट मोमेंटम की कमी को दर्शाता है।निफ्टी के लिए 23,750–23,700 का जोन अहम सपोर्ट बन सकता है। यह 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के बराबर है। अगर 23,700 का स्तर टूटता है तो निफ्टी 23,600–23,570 तक फिसल सकता है।ऊपर की तरफ 24,050–24,080 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस रहेगा। अगर निफ्टी लगातार 24,080 के ऊपर टिकता है तो 24,200 के स्तर तक वापसी संभव है।
बैंक निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक
बैंक निफ्टी करीब 24 सेशन से एक ही दायरे में कारोबार कर रहा है। इससे इंडेक्स में किसी खास दिशा में मजबूत गति की कमी का संकेत मिलता है।बैंक निफ्टी 0.02% की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। डेली चार्ट पर छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनी। इसके दोनों तरफ विक्स थीं। यह बाजार में अनिश्चितता का संकेत है। डेली RSI 50 के आसपास न्यूट्रल रहा। इससे भी मजबूत डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी का संकेत मिलता है।बैंक निफ्टी में 56,900–56,800 का जोन अहम सपोर्ट रह सकता है। अगर इंडेक्स इस स्तर से ऊपर बना रहता है तो मौजूदा कंसोलिडेशन जारी रह सकता है।ऊपर की तरफ 57,800–57,900 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस है। इस जोन के ऊपर ब्रेकआउट या 56,800 के नीचे ब्रेकडाउन मौजूदा कंसोलिडेशन को खत्म कर सकता है। इसके बाद बैंक निफ्टी में किसी एक दिशा में बड़ी चाल देखने को मिल सकती है।
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