भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 22 अक्टूबर को कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स कुछ ही मिनटों में 700 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी भी 200 अंक से अधिक फिसल गया। बाजार में चौतरफा बिकवाली के बीच Power Grid, BEL, मारुति और टाटा स्टील जैसे प्रमुख शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।बुधवार को भी बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। ऐसे में गुरुवार की कमजोर शुरुआत ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। एशियाई बाजारों में गिरावट और गिफ्ट निफ्टी के कमजोर संकेतों के बीच घरेलू बाजार पर भी दबाव नजर आया।
खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट
गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र में 73,709 के स्तर पर बंद हुआ था। इसके मुकाबले इंडेक्स 73,343 पर खुला। कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों में गिरावट तेज हुई और सेंसेक्स 73,005 के स्तर तक पहुंच गया, यानी 700 अंक से ज्यादा नीचे आ गया।इसी तरह एनएसई निफ्टी भी पिछले बंद स्तर 22,811 के मुकाबले 22,687 पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह फिसलकर 22,557 के स्तर तक पहुंच गया।Power Grid, BEL और मारुति समेत कई शेयर लाल निशान में बाजार में गिरावट का असर बड़ी कंपनियों के शेयरों पर भी दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार के दौरान बीएसई लार्जकैप श्रेणी के 30 शेयरों में से 28 लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
इन शेयरों में गिरावट
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Power Grid: करीब 2.60% की गिरावट
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BEL: करीब 2.25% नीचे
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Maruti Suzuki: करीब 2% की गिरावट
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Tata Steel: करीब 1.99% नीचे
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HDFC Bank: करीब 1.80% की गिरावट
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Asian Paints: करीब 1.70% नीचे
ये आंकड़े शुरुआती कारोबार के दौरान दर्ज गिरावट पर आधारित हैं। दिनभर के कारोबार में शेयरों के भाव बदल सकते हैं।
बुधवार को भी बाजार में दिखी थी भारी उठापटक
बुधवार को कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई थी। सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा चढ़ा था, जबकि निफ्टी में भी करीब 200 अंकों की तेजी देखने को मिली थी।हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते बाजार की तेजी टिक नहीं पाई। सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से करीब 1,400 अंक फिसल गया। कारोबार समाप्त होने पर सेंसेक्स 143 अंक गिरकर 73,709 पर और निफ्टी 77 अंक टूटकर 22,811 पर बंद हुआ था।इस उतार-चढ़ाव के बाद गुरुवार को बाजार की कमजोर शुरुआत ने निवेशकों के सामने अनिश्चितता बढ़ा दी।हालांकि, बाजार की शुरुआती गिरावट के पीछे किसी एक कारण को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। निवेशकों के लिए आगे की दिशा समझने के लिहाज से वैश्विक बाजारों, विदेशी निवेश के रुझान और कंपनियों से जुड़ी खबरों पर नजर रखना अहम रहेगा।