कोलकाता। भूटान में ग्लेशियर झील फटने के बाद पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों में बाढ़ का हाई अलर्ट जारी किया गया है। संकोश नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका को देखते हुए अलीपुरद्वार जिले में नदी किनारे बसे करीब 12 हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक पानी का बहाव तेज है और संवेदनशील बस्तियों में बाढ़ का खतरा है।
मवेशियों के साथ घर छोड़ने को मजबूर हुए गांव वाले
अलीपुरद्वार में नदी किनारे के गांवों के लोग प्रशासन के निर्देश के बाद अपने मवेशियों को लेकर घर छोड़कर सुरक्षित जगहों की ओर जाते दिखे। रामपुर-एक ग्राम पंचायत इलाके में लाउडस्पीकर से ऐलान कर लोगों से घर खाली करने और तय राहत शिविरों में जाने को कहा गया। मौसम विभाग यानी आईएमडी ने अलीपुरद्वार में भारी बारिश का भी अनुमान जताया है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
लेमथांग में फटी झील, मो नदी से संकोश की ओर बढ़ रहा पानी
जल संसाधन जांच एवं विकास मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने बताया कि भूटान के लेमथांग में ग्लेशियर झील फटी है। झील का पानी मो नदी के रास्ते संकोश नदी की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने संकोश और उसकी सहायक नदियों के आसपास रहने वाले लोगों से तुरंत सुरक्षित दूरी पर जाने को कहा। मंत्री ने कूचबिहार जिले के तूफानगंज और आसपास के इलाकों के लोगों से भी नदी किनारे से हटने की अपील की। राहत और बचाव के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को सतर्क रखा गया है।
दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट ने पहाड़ी इलाके, तराई और डुआर्स के लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह मानने को कहा। भूटान में शिंताफू झील के टूटने से करीब 74 लाख घन मीटर पानी मो नदी में बह गया है। इससे पश्चिम बंगाल और असम की सीमा पर बहने वाली संकोश नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका है।
पनबिजली परियोजना पर भी खतरा
इस घटना से भारत और भूटान की साझा परियोजना पुनात्सांगछू को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। नदी का जलस्तर अचानक और ज्यादा बढ़ने से पनबिजली ढांचे को नुकसान हो सकता है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने असम और पश्चिम बंगाल के लिए विशेष परामर्श जारी किया है। इसमें कहा गया है कि भारतीय दूतावास ने भूटान के पुनात्सांगछू बेसिन की शिंताफू झील में ग्लेशियर झील फटने की सूचना दी है। परामर्श के मुताबिक अलीपुरद्वार में संकोश का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहकर हालात पर नजर रखने और जरूरी एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है।