मानसून ने देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग तस्वीर बना दी है। बिहार और उत्तर प्रदेश में नदियां उफान पर हैं और लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, वहीं मध्य प्रदेश में तेज बारिश का दौर फिलहाल थम गया है। राजस्थान में भी अभी मौसम साफ है, लेकिन 11 सितंबर से फिर बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान है।बिहार में बाढ़ का असर 14 जिलों की 517 पंचायतों तक पहुंचा है और करीब 41.45 लाख लोग प्रभावित हैं। कुछ इलाकों में पानी कम जरूर हुआ है, लेकिन भागलपुर में गंगा का बढ़ता जलस्तर अब भी चिंता का कारण बना हुआ है।
भागलपुर में गंगा ने तोड़ा पुराना रिकॉर्ड
सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर 36.78 मीटर तक पहुंच गया है। यह 2021 में दर्ज 36.75 मीटर के पिछले उच्चतम स्तर से भी ऊपर है। पानी तिलकामांझी यूनिवर्सिटी परिसर तक पहुंच गया है। शिक्षक और छात्र अब नाव के जरिए आवाजाही कर रहे हैं।पटना से मुंगेर तक गंगा के जलस्तर में कुछ कमी आई है, लेकिन कहलगांव में पानी 4 सेंटीमीटर बढ़ा है। बिहार में सितंबर में अब तक 83.6 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 24% ज्यादा है।
यूपी में 26 जिले बाढ़ की चपेट में
उत्तर प्रदेश में भी हालात आसान नहीं हैं। राज्य के 26 जिलों में बाढ़ का असर है और करीब 4 लाख लोग प्रभावित बताए गए हैं। गुरुवार को 36 जिलों में बारिश का अलर्ट है। इनमें 22 जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।बरेली में रामगंगा नदी के बढ़े जलस्तर के बीच एक प्राचीन मंदिर नदी में समा गया। बाराबंकी में सरयू का पानी करीब 12 मकानों तक पहुंच गया है। फर्रुखाबाद में भी पिछले 10 दिनों में 15 मकानों के गंगा में समाने की जानकारी है।गोंडा में घाघरा नदी के उफान से 30 गांवों की करीब 25 हजार आबादी बाढ़ से घिर गई है। कई जगह लोगों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
उत्तराखंड में धुंध, बारिश और पहाड़ों से गिर रहे पत्थर
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में धुंध छाई हुई है। देहरादून, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में आज कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट है। हरिद्वार, पौड़ी और उत्तरकाशी में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-बौछार की संभावना है।बागेश्वर-कपकोट रोड पर आरे के पास पहाड़ों से लगातार पत्थर गिरने के कारण हाईवे बंद हो गया है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ आवाजाही की चुनौती भी बनी हुई है।
MP में तेज बारिश का दौर थमा
मध्य प्रदेश में फिलहाल कोई सक्रिय मौसम सिस्टम नहीं है। इसके चलते तेज बारिश का दौर रुक गया है। बुधवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज धूप रही और गुरुवार को भी मौसम इसी तरह रहने का अनुमान है।कुछ जगह हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन फिलहाल भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। यानी अगले कुछ दिनों में MP में मानसून कमजोर रहने की संभावना है।
राजस्थान में 11 सितंबर से फिर बदलेगा मौसम
राजस्थान में बुधवार को ज्यादातर शहरों में दिनभर धूप रही। राज्य के 10 शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।अब शुक्रवार यानी 11 सितंबर से मौसम में बदलाव की संभावना है। 5 जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट है। 12 और 13 सितंबर को भरतपुर, जयपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में भी बारिश हो सकती है।फिलहाल मौसम का सबसे बड़ा असर बिहार और यूपी में दिखाई दे रहा है, जहां नदियों का जलस्तर और बाढ़ लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। दूसरी तरफ MP में बारिश थमी है और राजस्थान में अगले 24 घंटे बाद फिर मानसून सक्रिय होने के संकेत हैं।