दिल्ली में जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शनों को लेकर व्यापारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। खान मार्केट एसोसिएशन ने कारोबार और रोजी-रोटी पर असर का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, वहीं कनॉट प्लेस, पालिका बाजार और जनपथ समेत कई बाजारों के व्यापारी संगठनों ने उपराज्यपाल को चिट्ठी लिखकर जंतर-मंतर को नियमित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने की मांग की है।
प्रदर्शन से कारोबार प्रभावित
व्यापारी संगठनों के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन होने पर आसपास के इलाकों में आवाजाही प्रभावित होती है। सड़कें बंद होने या रास्ते बदले जाने से ग्राहकों के साथ दुकानदारों, कर्मचारियों और सामान पहुंचाने वाले वाहनों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान अदालत ने छोटे दुकानदारों की आजीविका से जुड़े पहलू को महत्वपूर्ण बताया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इन दुकानदारों के परिवारों की निर्भरता उनके कारोबार पर है और उनकी मुश्किलों को समझना जरूरी है.अदालत ने कहा कि कारोबार को हुए नुकसान का मुद्दा 26 तारीख को उठाया जा सकता है। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि NDMC के आदेश से सेंट्रल पार्क बंद रहने पर व्यापारियों का कामकाज ठप हो सकता है.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि NDMC के आदेश के कारण कारोबार को नुकसान होता है, तो अदालत इस पहलू पर विचार कर सकती है। कोर्ट ने टॉर्ट कानून के तहत मुआवजे के आदेश की संभावना का भी उल्लेख किया।
अब फैसले पर नजर
अब आगे की सुनवाई और उपराज्यपाल की ओर से इस मांग पर होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल, जंतर-मंतर को नियमित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने या प्रदर्शन कहीं और स्थानांतरित करने का अंतिम फैसला होने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।