प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मिजोरम और मणिपुर में ड्रग्स तस्करी से जुड़े हवाला नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की है। एजेंसी के मुताबिक इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 1,424 बैंक खातों को फ्रीज किया गया है । जांच के दौरान 26 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति भी सुरक्षित की गई है।
ईडी ने शुक्रवार से शुरू हुई तलाशी में दोनों राज्यों के कई ठिकानों को कवर किया। यह कार्रवाई म्यांमार से भारत में हेरोइन, ब्राउन शुगर और मेथामफेटामाइन की तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के तीन मामलों की जांच के तहत की गई।
किन इलाकों में हुई कार्रवाई?
ईडी के अनुसार मिजोरम के आइजोल, चम्फाई और लॉन्गलाई के अलावा मणिपुर के चुराचांदपुर में तलाशी ली गई । जांच के दायरे में कथित हवाला ऑपरेटरों, बैंक खातों का इस्तेमाल करने वाले लोगों, संदिग्ध कारोबारों और एक मिनी-एटीएम काउंटर से जुड़े ठिकाने शामिल थे। कार्रवाई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और मिजोरम पुलिस के साथ समन्वय में की गई।
एजेंसी ने बताया कि छह आरोपियों में तीन मिजोरम और तीन मणिपुर से हैं। संपत्तियों की कुर्की और बैंक खातों पर रोक की कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत की गई है।
कैसे काम करता था कथित हवाला नेटवर्क?
ईडी के मुताबिक भारत-म्यांमार सीमा के रास्ते म्यांमार में तैयार नशीले पदार्थ भारत लाए जाते थे । वहीं ड्रग्स के उत्पादन और प्रसंस्करण में इस्तेमाल होने वाले कुछ रसायनों को भारत से म्यांमार भेजे जाने का भी आरोप है ।
जांच एजेंसी का दावा है कि ड्रग्स की बिक्री से मिलने वाली रकम को हवाला और बैंक खातों के जरिए आगे भेजा जाता था। कुछ खाताधारकों ने कथित तौर पर अपने बैंक खाते प्रति लाख रुपये 500 रुपये के बदले इस्तेमाल करने देने की बात स्वीकार की है। मामले में जांच जारी है।