नई दिल्ली। विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर देश भर में चल रहे विरोध के बीच चुनाव आयोग ने गुरुवार को 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी SSR कराने का ऐलान कर दिया। इनमें उत्तर प्रदेश, पंजाब और मणिपुर जैसे वे राज्य भी हैं, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इस पुनरीक्षण के लिए 1 जनवरी 2027 को पात्रता तिथि माना जाएगा। जिन जगहों पर SIR चल रहा है या हाल में पूरा हुआ है, वहां SSR का कार्यक्रम बाद में तय होगा।
SIR विवाद के बीच विपक्ष का प्रदर्शन
आयोग का यह फैसला ऐसे वक्त आया है जब SIR में कथित गड़बड़ियों को लेकर इंडिया गठबंधन और कॉकरोच जनता पार्टी देश के अलग अलग हिस्सों में सड़कों पर हैं। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची के संशोधन में अनियमितताएं हुई हैं और वे इस प्रक्रिया पर चिंता जता रहे हैं। प्रदर्शन करने वाले दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग भी की है।
किन राज्यों की वोटर लिस्ट में होगा SSR
आयोग की सूची में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल हैं। आयोग ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा समेत इन सभी के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र भेजकर यह जानकारी दी है। पत्र में साफ किया गया कि SIR वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का SSR कार्यक्रम अलग से घोषित किया जाएगा।
वोटर लिस्ट SSR का मकसद क्या है
आयोग के मुताबिक SSR से पात्र मतदाताओं को सूची में जोड़ा जाएगा। खास ध्यान युवाओं और पहली बार वोट डालने वालों पर रहेगा। सूची की मौजूदा प्रविष्टियों में सुधार होगा और संशोधन की प्रक्रिया को बेहतर बनाने की बात भी कही गई है।
यूपी, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर में कब खत्म हो रहा कार्यकाल
उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को पूरा हो रहा है। मणिपुर की 60 सदस्यीय, गोवा की 40 सदस्यीय, पंजाब की 117 सदस्यीय और उत्तराखंड की 70 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 में अलग अलग तारीखों पर खत्म होगा। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत आयोग कार्यकाल पूरा होने से छह महीने पहले चुनाव करा सकता है।