अरुणेश झा, पंचकूला। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीवन संघर्ष, सेवा और संकल्प की ऐसी यात्रा है, जिससे हर व्यक्ति को चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प और पूरे उत्साह के साथ चलने वाला व्यक्ति शून्य से शिखर तक पहुंच सकता है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में प्रधानमंत्री के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति शून्य से शिखर तक देखने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे।
सुपवा के विद्यार्थियों ने किया मंचन
नाटक का आयोजन दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय, रोहतक (सुपवा) और सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग हरियाणा ने किया था। कार्यक्रम में राज्य सभा सांसद रेखा शर्मा, विधायक शक्ति रानी शर्मा, हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता, सुपवा के कुलगुरु डॉ अमित आर्य और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र मौजूद रहे। प्रस्तुति के बाद मुख्यमंत्री ने बच्चों से स्नेह से बात की और मंच पर उतरे कलाकारों से मिलकर उनका हौसला बढ़ाया।

मुख्यमंत्री बोले, ज्यादा से ज्यादा लोग देखें यह नाटक
सैनी ने कहा कि नाटक में प्रधानमंत्री के जीवन के अलग-अलग पहलुओं को जिस जीवंतता से दिखाया गया, वह सराहनीय है। उन्होंने कलाकारों, विद्यार्थियों, फैकल्टी और आयोजकों को बधाई दी। उनका कहना था कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को यह नाटक देखना चाहिए, क्योंकि इससे संघर्ष, मेहनत, सेवा और समर्पण की सीख मिलती है।
मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में गुजरात से लेकर देश तक कई चुनौतियों का समाधान करने का संकल्प दिखता है। गुजरात में मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने वहां की चुनौतियों से निपटा और फिर देश की कमान संभालकर राष्ट्रीय स्तर पर समस्याओं के समाधान में जुटे। सैनी के मुताबिक आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी चुनौतियों से निपटने से लेकर विकसित भारत के संकल्प तक, प्रधानमंत्री ने देश को एकजुट किया और भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई।
हरियाणा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचने में घंटों लग जाते थे, लेकिन बेहतर सड़कों और कनेक्टिविटी से अब यह सफर करीब साढ़े तीन से चार घंटे में पूरा हो जाता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 2014 से पहले देश जिन समस्याओं से जूझ रहा था, उनका समाधान आज हो गया है। नई पीढ़ी को अंदाजा भी नहीं होता कि तब हालात कैसे थे।
अधिकारी और कुलगुरु ने भी की सराहना
सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव के.एम. पांडुरंग ने कहा कि प्रधानमंत्री का जीवन हर आयु वर्ग को प्रेरणा देता है। उन्होंने सुपवा के शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई दी और कहा कि इस नाटिका का दूसरी जगहों पर भी मंचन होना चाहिए। सुपवा के कुलगुरु डॉ अमित आर्य ने कहा कि विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत और अभिनय से प्रस्तुति को यादगार बना दिया। उनके मुताबिक कलाकारों ने प्रधानमंत्री के संघर्ष और राष्ट्र सेवा के भाव को इतनी जीवंतता से उतारा कि दर्शक भावनात्मक रूप से जुड़ गए। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह प्रस्तुति ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी और युवाओं को अपने कर्तव्यों के प्रति प्रेरित करेगी।