नई दिल्ली। रूस जाने वाले भारतीय नागरिकों को केंद्र सरकार ने रूसी सेना में भर्ती होने के जोखिम को लेकर फिर आगाह किया है। सरकार ने कहा है कि पिछले दो वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में शामिल किया गया। भारतीयों से विदेश में नौकरी के अवसर तलाशते समय विशेष सावधानी बरतने और अनजान लोगों के नौकरी के प्रस्तावों के झांसे में नहीं आने की अपील की गई है।
खुद तलाशे प्रस्ताव, सोचा लौट आएंगे
सरकार के मुताबिक, कुछ मामलों में भारतीय नागरिकों ने रूसी सेना में भर्ती होने के प्रस्ताव खुद तलाशे, यह सोचकर कि उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा और बाद में भारत सरकार की मदद से वे वापस लौट सकेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसा रास्ता बेहद जोखिमपूर्ण है और भारतीय नागरिकों को इससे दूर रहने की सलाह दी गई है।
नागरिकता छोड़कर रूसी पासपोर्ट लेने के मामले भी
सरकार के संज्ञान में ऐसे मामले भी आए हैं, जिनमें कुछ भारतीय नागरिकों ने अपनी इच्छा से भारतीय नागरिकता छोड़ने, रूसी पासपोर्ट हासिल करने और फिर रूसी सेना में भर्ती होने के लिए कदम उठाए। कुछ लोगों ने भारतीय अधिकारियों से सलाह लिए बिना ही ऐसा किया। सरकार ने आगाह किया है कि थोड़े समय के आर्थिक लाभ के लिए उठाया गया ऐसा कदम गंभीर और दीर्घकालिक जोखिम पैदा कर सकता है।
एजेंट की जांच जरूर करें
सरकार ने यह भी बताया कि विदेशी नागरिकों को रूसी सेना में सेवा देने के लिए गैर-सरकारी संस्थाओं और स्वयंसेवी समूहों के माध्यम से भर्ती किए जाने की जानकारी सामने आई है। भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि विदेश में नौकरी का कोई प्रस्ताव स्वीकार करने से पहले एजेंट और रोजगार की पूरी तरह जांच-पड़ताल करें। खासतौर पर ऐसे एजेंटों से सावधान रहने को कहा गया है जो विदेश मंत्रालय के साथ पंजीकृत नहीं हैं।
रूसी पक्ष के संपर्क में भारत
सरकार ने कहा है कि रूसी सेना में शामिल भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, कल्याण और जल्द भारत वापसी सुनिश्चित करने के लिए रूस के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है। भारत सरकार ने एक बार फिर नागरिकों से अपील की है कि वे विदेश में रोजगार के नाम पर मिलने वाले संदिग्ध प्रस्तावों की पूरी जांच करें और रूसी सेना में भर्ती होने से बचें।