भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 28 अक्टूबर को दबाव देखने को मिल रहा है। सेंसेक्स 700 अंकों से ज्यादा गिरकर 72,800 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी करीब 200 अंक टूटकर 22,550 के आसपास पहुंच गया है। एनर्जी, IT और FMCG कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से बाजार की गिरावट बढ़ी है।बाजार में इस गिरावट के बीच निवेशकों की नजर जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग पर भी है। दूसरी ओर, विदेशी निवेशकों की हालिया बिकवाली के आंकड़े भी बाजार के रुख को समझने के लिहाज से अहम हैं।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट, इन सेक्टरों पर दबाव
बुधवार के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। सेंसेक्स में 700 से ज्यादा अंकों की कमजोरी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी करीब 200 अंक नीचे आया।एनर्जी, IT और FMCG शेयरों में ज्यादा बिकवाली की खबर है। हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों से अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बाजार में गिरावट की मुख्य वजह क्या है। निवेशकों को किसी एक कारण को बाजार की कमजोरी के लिए जिम्मेदार मानने से पहले अन्य कारोबारी संकेतकों पर भी ध्यान देना चाहिए।
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग पर निवेशकों की नजर
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों की BSE और NSE पर लिस्टिंग को लेकर भी चर्चा है। खबर में दिए गए ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के आंकड़ों के मुताबिक, शेयर का अनौपचारिक बाजार भाव IPO के ऊपरी प्राइस बैंड से काफी ऊपर बताया गया है।एक लॉट के 12 शेयरों पर संभावित अंतर ₹2,928 बनता है। यही वजह है कि खबर में लिस्टिंग पर करीब ₹3,000 के संभावित लाभ का अनुमान दिया गया है।
हालांकि, GMP आधिकारिक एक्सचेंज भाव नहीं है और न ही लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी देता है। वास्तविक लिस्टिंग प्राइस इससे कम या ज्यादा हो सकता है। निवेशकों को अंतिम फैसला लेने से पहले कंपनी और एक्सचेंज की आधिकारिक जानकारी देखनी चाहिए।
एशियाई बाजारों में तेजी, भारतीय बाजार का रुख कमजोर
भारतीय बाजार में गिरावट के उलट, खबर में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक प्रमुख एशियाई बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।
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एशियाई इंडेक्स |
स्तर |
बदलाव |
|---|---|---|
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कोस्पी (दक्षिण कोरिया) |
5,963 |
+5.74% |
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निक्केई (जापान) |
64,067 |
+1.26% |
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हैंगसेंग (हांगकांग) |
23,092 |
+0.16% |
अमेरिकी बाजारों में भी 27 अक्टूबर को बढ़त दर्ज की गई थी। डाउ जोन्स 0.03%, नैस्डैक 1.18% और S&P 500 करीब 0.60% ऊपर बंद हुए थे।इससे संकेत मिलता है कि भारतीय बाजार की कमजोरी के बीच दूसरे प्रमुख बाजारों का रुख अलग रहा। हालांकि, अलग-अलग देशों के बाजारों की चाल कई स्थानीय और वैश्विक कारकों पर निर्भर करती है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर नजर
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII/FPI की गतिविधियां भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई हैं। खबर में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 30 दिनों में विदेशी निवेशकों की नेट बिकवाली करीब ₹68,817 करोड़ रही।
इसके उलट, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने इसी अवधि में करीब ₹78,694 करोड़ की नेट खरीदारी की।
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निवेशक वर्ग |
पिछले 7 दिन |
पिछले 30 दिन |
|---|---|---|
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DII |
+₹7,486 करोड़ |
+₹78,694 करोड़ |
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FII/FPI |
+₹207 करोड़ |
-₹68,817 करोड़ |
आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने विदेशी निवेशकों की बिकवाली के मुकाबले बाजार को कुछ सहारा दिया है। हालांकि, बुधवार की गिरावट के पीछे कौन-से कारक सबसे ज्यादा प्रभावी रहे, यह जानने के लिए ताजा बाजार आंकड़ों और कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर रखना जरूरी होगा।
आगे बाजार की दिशा किन बातों पर निर्भर करेगी?
फिलहाल निवेशकों की नजर सेंसेक्स और निफ्टी की आगे की चाल, प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली और विदेशी निवेशकों के रुख पर रहेगी। जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग से जुड़ी वास्तविक कीमत भी बाजार की चर्चा में अहम हो सकती है।शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान केवल शुरुआती कारोबार या ग्रे मार्केट के अनुमानों के आधार पर निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है।