Market Outlook: शुक्रवार को शेयर बाजार में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी में 75 अंक से ज्यादा की तेजी रही। अब सोमवार यानी 21 सितंबर को बाजार की नजर कुछ अहम technical levels पर रहेगी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,400 का लेवल काफी महत्वपूर्ण है। इसके ऊपर मजबूती बनी तो 23,500-23,600 की तरफ बढ़त देखने को मिल सकती है, जबकि गिरावट में 23,100-23,000 का सपोर्ट अहम रहेगा।
शुक्रवार को सेंसेक्स 19.63 अंक यानी 0.03% गिरकर 74,294.96 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 75.80 अंक यानी 0.33% चढ़कर 23,346.40 पर पहुंच गया। निफ्टी में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी रही, लेकिन पूरे सप्ताह के हिसाब से इंडेक्स 0.22% नीचे रहा। यह निफ्टी की लगातार छठी वीकली गिरावट है।ब्रॉडर मार्केट में खरीदारी का रुख देखने को मिला। निफ्टी स्मॉलकैप 50 में 1.73%, स्मॉलकैप 100 में 1.74% और मिडकैप 50 में 0.87% की तेजी रही। मेटल, सीमेंट, मीडिया, रियल्टी और फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी हुई, जबकि IT शेयरों पर दबाव बना रहा।
23,400 के ऊपर टिकना जरूरी
निफ्टी में शॉर्ट टर्म में रिकवरी की कोशिश जारी है, लेकिन बाजार का बड़ा technical structure अभी भी कमजोर है।उनके मुताबिक, निफ्टी 23,100-23,000 के अहम सपोर्ट जोन से मजबूत रिकवरी करने में सफल नहीं रहा है। ऐसे में ऊपर की तरफ 23,500-23,600 का स्तर बड़ा resistance बन सकता है। वहीं, गिरावट आने पर 23,100-23,000 के जोन में सपोर्ट मिल सकता है।
23,100-23,070 का जोन अहम
निफ्टी को 23,500-23,600 की तरफ बढ़ने के लिए 23,400 के ऊपर लगातार टिकना होगा। नीचे की तरफ 23,200 तत्काल सपोर्ट है, जबकि 23,100-23,070 का जोन मजबूत सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है।उनका कहना है कि फिलहाल market sentiment में पूरी तरह मजबूती नहीं आई है। अगर निफ्टी 23,100-23,070 के सपोर्ट जोन को तोड़ता है, तो बाजार में दोबारा गिरावट का दबाव बढ़ सकता है।
ग्लोबल संकेतों पर भी नजर
अमेरिकी ब्याज दरों और ऊंची यील्ड का असर ग्लोबल financial markets पर देखने को मिल सकता है। इससे भारत जैसे emerging markets में विदेशी निवेशकों का रुख सतर्क रह सकता है।हालांकि, घरेलू मांग में मजबूती, घरेलू संस्थागत निवेशकों की भागीदारी और कंपनियों की earnings से बाजार को सपोर्ट मिल सकता है।