नई दिल्लीः दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने रेलवे कर्मचारियों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थियों के लिए अहम फैसले लिए हैं । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में करीब 11.40 लाख पात्र रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस देने की मंजूरी दी गई, इसके अलावा दिव्यांग पेंशन के नियमों और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को लेकर भी बदलावों का ऐलान किया गया ।
1. रेलवे कर्मचारियों को कितना बोनस मिलेगा?
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक रेलवे कर्मचारियों को प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) देने पर करीब 2,009 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन 7,000 रुपये माना गया है । इस आधार पर 78 दिन के बोनस की रकम करीब 17,951 रुपये बनती है। हालांकि, वास्तविक भुगतान कर्मचारी की पात्रता और लागू नियमों के अनुसार होगा।
2. दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव
कैबिनेट में दिव्यांगों को जन्म से पेंशन का लाभ देने का प्रावधान किया गया है । 0 से 79 साल की उम्र के पात्र लाभार्थियों को हर महीने 375 रुपये और 80 साल या उससे अधिक उम्र वालों को 625 रुपये की सहायता मिलेगी। नए नियमों और पात्रता की विस्तृत जानकारी सरकार की ओर से जारी की जानी है।
3. सामाजिक सहायता योजना अगले 5 साल जारी रहेगी
सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को अगले पांच साल तक जारी रखने का फैसला किया है। इसके साथ योजना और इससे जुड़ी कुछ पेंशन योजनाओं के नाम बदलने का भी प्रस्ताव है। इन योजनाओं का मकसद जरूरतमंद बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों और पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता देना है।इन फैसलों से रेलवे कर्मचारियों को त्योहार से पहले अतिरिक्त रकम मिलेगी, जबकि पेंशन योजनाओं में बदलाव का असर पात्र लाभार्थियों पर पड़ेगा।