तमिलनाडु में डीएमके नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री अंबिल महेश पोयामोझी को निजी स्कूलों की मान्यता से जुड़े कथित 100 करोड़ रुपये के घोटाले में गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई मद्रास हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद हुई ।
ग्रेटर चेन्नई पुलिस की केंद्रीय अपराध शाखा इस मामले की जांच कर रही है। आरोप है कि स्कूल शिक्षा मंत्री के तौर पर 2021 से 2026 के बीच उनके कार्यकाल में निजी स्कूलों को स्थायी मान्यता और दूसरी प्रशासनिक मंजूरी दिलाने के बदले रकम जुटाई गई।
177 निजी स्कूलों से पैसे लेने का आरोप
जांच एजेंसी के मुताबिक करीब 177 निजी स्कूलों के प्रबंधन से 100 करोड़ रुपये से अधिक की रकम कथित तौर पर ‘पार्टी फंड’ के नाम पर जुटाई गई । आरोप है कि इसके बदले स्कूलों को सरकारी मंजूरी स्थायी मान्यता और दूसरी जरूरी अनुमतियां दिलाने का भरोसा दिया गया था।
इस मामले में भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत भी आरोप जोड़े गए हैं, प्रवर्तन निदेशालय ने संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी दर्ज किया है।
अंबिल महेश ने आरोपों को बताया राजनीतिक बदले की कार्रवाई
इससे पहले पुलिस ने चेन्नई और तिरुचिरापल्ली में अंबिल महेश से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी और उनसे पूछताछ भी की थी। पुलिस ने जांच के दौरान कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए थे।
अंबिल महेश ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने छापेमारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए कहा था कि वह जांच में सहयोग कर रहे हैं।
फिलहाल मामला जांच के अधीन है। गिरफ्तारी और आरोप अपने आप में दोष साबित नहीं करते। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और आगे की कानूनी कार्रवाई से मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।