Market Outlook: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार एक बार फिर दबाव में रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ बंद हुए, हालांकि कारोबार के निचले स्तरों से बाजार में कुछ रिकवरी जरूर देखने को मिली। अब सोमवार की छुट्टी के बाद 15 सितंबर को बाजार किस दिशा में आगे बढ़ सकता है, इस पर निवेशकों की नजर रहेगी।
11 सितंबर के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 120.83 अंक यानी 0.16% फिसलकर 74,781.76 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 79.70 अंक यानी 0.34% की गिरावट के साथ 23,398.10 के स्तर पर रहा। बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही। करीब 1,773 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 2,373 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 190 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
IT शेयरों में खरीदारी, मेटल और रियल्टी पर दबाव
शुक्रवार को कुछ बड़े शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की। डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, HDFC बैंक, ITC, टेक महिंद्रा और विप्रो निफ्टी के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में रहे।इसके उलट हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, JSW स्टील, टाटा स्टील, आयशर मोटर्स और ONGC में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली।सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स करीब 0.5% चढ़ा। दूसरी तरफ मेटल और रियल्टी इंडेक्स में 2% से ज्यादा की गिरावट रही। ऑटो, एनर्जी, ऑयल एंड गैस और PSU बैंक इंडेक्स भी करीब 0.5% नीचे बंद हुए।मिडकैप इंडेक्स में 0.26% और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.6% की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार पर किन वजहों से बना रहेगा दबाव?
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और ग्लोबल स्तर पर ब्याज दरों को लेकर बनी चिंता घरेलू बाजार पर दबाव डाल रही है। मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और प्रोड्यूसर महंगाई में बढ़ोतरी ने भी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को प्रभावित किया है।इसके चलते बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की बिकवाली का असर भारतीय बाजार पर दिखाई दे रहा है।हालांकि, कारोबार के दौरान यूरोपीय बाजारों की मजबूत शुरुआत और IT जैसे कुछ सेक्टरों में वैल्यू बाइंग से भारतीय बाजार अपने निचले स्तरों से संभला। नायर का मानना है कि कमजोर मार्केट ब्रेड्थ अभी भी बाजार में सुस्ती और उतार-चढ़ाव की ओर इशारा कर रही है।
आगे कच्चे तेल की कीमतें, FII की बिकवाली और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता बाजार की दिशा के लिए अहम रहेंगी। दूसरी तरफ मजबूत घरेलू फंडामेंटल और घरेलू संस्थागत निवेशकों का सपोर्ट निचले स्तरों पर खरीदारी को सहारा दे रहा है। ऐसे में मध्यम अवधि का आउटलुक फिलहाल सकारात्मक बना हुआ है।
Nifty के लिए 23,250–23,230 अहम सपोर्ट
शुक्रवार को निफ्टी गैप-डाउन खुला, लेकिन शुरुआती दबाव के बाद निचले स्तरों से शॉर्ट-कवरिंग देखने को मिली। इंडेक्स दिन के निचले स्तर से करीब 200 अंक संभला, हालांकि अंत में 0.34% की गिरावट के साथ बंद हुआ।डेली चार्ट पर निफ्टी ने एक बुलिश कैंडल बनाई है। यह निचले स्तरों पर खरीदारी की वापसी का संकेत जरूर है, लेकिन इसे मजबूत रिकवरी मानने के लिए आने वाले सत्रों में लगातार बढ़त जरूरी होगी।टेक्निकल इंडिकेटर्स भी अभी पूरी तरह मजबूत तस्वीर नहीं दिखा रहे हैं। RSI 40 के नीचे है और निफ्टी 20-डे तथा 50-डे EMA से नीचे कारोबार कर रहा है। वहीं बढ़ता ADX और ऊंचे स्तर पर India VIX बाजार में बने उतार-चढ़ाव की ओर संकेत कर रहे हैं। निफ्टी के लिए 23,250–23,230 का स्तर पहला अहम सपोर्ट जोन है। अगर इंडेक्स 23,230 के नीचे टिकता है तो गिरावट बढ़कर 23,080 तक जा सकती है।वहीं ऊपर की तरफ 23,600–23,620 तत्काल रेजिस्टेंस जोन रहेगा। इसके ऊपर टिकने पर निफ्टी में पुलबैक बढ़कर 23,800 तक पहुंच सकता है।
Bank Nifty में निचले स्तरों से मजबूत रिकवरी
बैंक निफ्टी में शुक्रवार को तस्वीर कुछ बेहतर रही। इंडेक्स गैप-डाउन खुला, लेकिन शॉर्ट-कवरिंग के चलते दिन के निचले स्तर से करीब 890 अंकों की रिकवरी हुई। बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर लोअर विक के साथ बुलिश कैंडल बनाई और आखिर में 0.24% की बढ़त के साथ बंद हुआ।यह निचले स्तरों पर खरीदारों की मौजूदगी का संकेत है। हालांकि, यहां भी आगे की चाल के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर नजर रखना जरूरी होगा।56,000–55,900 का जोन बैंक निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट माना जा रहा है। अगर इंडेक्स 55,900 के नीचे टिकता है तो बिकवाली बढ़ सकती है और यह 55,500 तक जा सकता है।ऊपर की तरफ 57,100–57,200 तत्काल रेजिस्टेंस जोन है। इसके ऊपर टिकने पर बैंक निफ्टी में पुलबैक 57,500 तक बढ़ सकता है।
15 सितंबर को बाजार के लिए क्या अहम रहेगा?
कुल मिलाकर शुक्रवार की रिकवरी ने बाजार में निचले स्तरों पर खरीदारी की उम्मीद जरूर जगाई है, लेकिन अभी ट्रेंड में ठोस बदलाव की पुष्टि नहीं हुई है। 15 सितंबर के कारोबार में निफ्टी के लिए 23,230 और बैंक निफ्टी के लिए 55,900 का स्तर खास महत्व रखेगा।इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतें, FII की गतिविधियां और ग्लोबल बाजारों का रुख भी भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
डिस्क्लेमर: यह खबर बाजार विशेषज्ञों के विचार और तकनीकी स्तरों पर आधारित है। इसे निवेश सलाह न माना जाए। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।