मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 18 अगस्त को एक बार फिर कमजोरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 250 अंक से ज्यादा टूटकर 77,500 के आसपास आ गया, जबकि निफ्टी भी 24,200 के करीब कारोबार करता नजर आया। IT शेयरों में बिकवाली का दबाव ज्यादा रहा।बाजार में कमजोरी की बड़ी वजह वैश्विक संकेतों के साथ कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव हैं। मंगलवार को ब्रेंट क्रूड 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जिससे भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के बाजार पर दबाव बढ़ा।
सेंसेक्स-निफ्टी लगातार दबाव में
सोमवार को भी बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 281.09 अंक गिरकर 77,728.16 पर और निफ्टी 78.35 अंक टूटकर 24,287.65 पर बंद हुआ था। निफ्टी की यह लगातार पांचवीं गिरावट थी।मंगलवार की शुरुआत में भी कमजोरी बनी रही। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 77,500 के नीचे तक गया, जबकि निफ्टी 24,250 के आसपास कारोबार करता दिखा। IT इंडेक्स पर खास दबाव रहा।
IT और रियल्टी शेयरों में ज्यादा बिकवाली
सेक्टर के लिहाज से IT शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। रियल्टी शेयरों में भी बिकवाली रही। Reuters के मुताबिक मंगलवार को प्रमुख सेक्टरों में IT इंडेक्स करीब 1.4% तक नीचे था।बाजार में निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जुलाई बैठक के मिनट्स पर भी है, जो बुधवार को जारी होने हैं। इससे अमेरिका की ब्याज दरों को लेकर आगे की दिशा के संकेत मिल सकते हैं।
एशियाई बाजार भी लाल निशान में
भारत के साथ मंगलवार को एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही। जापान का निक्केई 2% से ज्यादा नीचे गया, जबकि कोस्पी और हैंगसेंग में भी गिरावट रही। इससे भारतीय बाजार की शुरुआत पर दबाव बढ़ा।
IPO बाजार में भी हलचल
इस बीच Horizon Industrial Parks और Lalithaa Jewellery Mart के IPO का मंगलवार को दूसरा दिन है। दोनों इश्यू 17 अगस्त को खुले थे और 19 अगस्त को बंद होंगे।Horizon Industrial Parks IPO से ₹2,600 करोड़ जुटाने की योजना है, जबकि Lalithaa Jewellery Mart का इश्यू ₹1,700 करोड़ का है। Lalithaa Jewellery Mart के IPO को पहले दिन करीब 69% सब्सक्रिप्शन मिला था।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी चिंता का कारण बनी हुई है। मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान विदेशी निवेशकों की ओर से करीब ₹2,535 करोड़ की बिक्री दर्ज की गई, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने करीब ₹5,102 करोड़ की खरीदारी की।बढ़ते क्रूड प्राइस, कमजोर वैश्विक बाजार और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच निवेशक फिलहाल सतर्क नजर आ रहे हैं।