अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने आरोप लगाया है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके को अमेरिका के कुछ डोनर्स से आर्थिक मदद मिल रही है। उन्होंने दावा किया कि इस पैसे का इस्तेमाल भारत में अशांति फैलाने और सरकार के काम में रुकावट डालने के लिए किया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
मिलबेन ने 14 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर भारतीय युवाओं से इन गतिविधि के खिलाफ आवाज उठाने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का समर्थन करते हुए कहा कि वे बाहरी ताकतों के दबाव में नहीं झुकेंगे।
अमेरिकी डोनर्स को लेकर क्या बोलीं मिलबेन?
मिलबेन का दावा है कि कुछ अमेरिकी डोनर्स दुनिया के दक्षिणपंथी नेताओं को निशाना बनाने के लिए एक खास तरीका अपनाते हैं। उनके मुताबिक ऐसे लोग अमेरिका में पढ़े व्यक्तियों को चुनकर उन्हें कट्टर बनाते हैं और फिर अपने देश में अशांति फैलाने के लिए फंडिंग करते हैं । मिलबेन पहले भी कई मौकों पर मोदी सरकार के काम की तारीफ कर चुकी हैं। 2023 में प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिकी यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात भी की थीं।
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके पहले विदेशी फंडिंग के आरोपों पर कहना था कि संगठन का खर्च वह और उनके दोस्त मिलकर उठाते हैं। उन्होंने किसी बाहरी डोनर या बड़े उद्योगपति से मदद मिलने से इनकार किया था।
इससे पहले बीजेपी नेताओं ने भी CJP की फंडिंग पर सवाल उठाए थे। फिलहाल, अमेरिकी फंडिंग को लेकर मिलबेन के दावे की पुष्टि करने के बाद अब सीजेपी पर सवाल उठना लाजमी है।