अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्रांस में हालिया हिंसा के लिए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की इमिग्रेशन नीति को जिम्मेदार ठहराया है। ट्रम्प ने दावा किया कि पेरिस जल्द मुस्लिम शहर बन जाएगा। उन्होंने कहा कि मैक्रों को कई साल पहले ही दूसरे देशों से बड़ी संख्या में लोगों को फ्रांस आने देने के खिलाफ चेताया था।
हालांकि, फ्रांस में हो रही हिंसा को सिर्फ इमिग्रेशन से जोड़ने की पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शन महंगाई, बढ़ती जीवन-यापन लागत और सरकारी सेवाओं, खासकर शिक्षा, से जुड़ी नाराजगी के बीच शुरू हुए थे ।
फ्रांस में कितनी है मुस्लिम आबादी?
प्यू रिसर्च सेंटर के अनुमान के मुताबिक, फ्रांस की आबादी में करीब 9% मुस्लिम, 46% ईसाई और 43% ऐसे लोग हैं जो किसी धर्म से खुद को जुड़ा नहीं मानते। फ्रांस में जनगणना के दौरान नियमित रूप से धर्म से जुड़ा सवाल नहीं पूछा जाता, इसलिए अलग-अलग सर्वे के आंकड़ों में अंतर हो सकता है। ट्रम्प का पेरिस के जल्द मुस्लिम शहर बनने का बयान उनका दावा है। उपलब्ध आबादी के आंकड़े अपने आप में इस भविष्यवाणी की पुष्टि नहीं करते।
हिंसा के बाद कई शहरों में कर्फ्यू
17 अक्टूबर को फ्रांस के कई शहरों में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। कुछ जगहों पर दुकानों और सार्वजनिक इमारतों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। रिपोर्टों के मुताबिक, 2,400 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया और करीब 1,000 सुरक्षाकर्मी घायल हुए ।
सरकार ने पेरिस समेत कई शहरों के कुछ इलाकों में कर्फ्यू और सुरक्षा पाबंदियां लागू कीं। प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने हिंसा के लिए कट्टरपंथी समूहों को जिम्मेदार ठहराया, जबकि राष्ट्रपति मैक्रों ने तोड़फोड़ और लूटपाट करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।