मुश्किल मानसून बाढ़ और लैंडस्लाइड का खतरा

देश में कई राज्यों में तीव्र बारिश से पानी भरने की समस्याएँ बढ़ गईं, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में छात्रों को असहाय किया गया।

कई शहरों में मॉनसून लगातार तेजी से आ रहा है, जिससे बाढ़ और लैंडस्लाइड का खतरा सामने आया है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 205 मिलीमीटर से अधिक बारिश ने कई हॉस्टलों को नुकसान पहुंचाया, छात्रों को अपने ठिकाने छोड़ने को मजबूर किया।

By Manu Raj
देश में कई राज्यों में तीव्र बारिश से पानी भरने की समस्याएँ बढ़ गईं, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में छात्रों को असहाय किया गया।

देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा रहा है। दिल्ली-NCR में गुरुवार सुबह हुई तेज बारिश से कई सड़कों और अंडरपास में पानी भर गया। वहीं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार और असम के कई इलाकों में भारी बारिश के चलते बाढ़ और लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है।

सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में देखने को मिल रहा है, जहां लगातार बारिश के बाद कई इलाकों में करीब 5 फीट तक पानी भर गया। हॉस्टलों में पानी घुसने के बाद बुधवार को करीब 2 हजार प्रतियोगी छात्रों को अपना ठिकाना छोड़ना पड़ा। वाराणसी में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों के आसपास बने मंदिर और गलियां प्रभावित हुई हैं।

प्रयागराज में हॉस्टल छोड़ने को मजबूर हुए छात्र

प्रयागराज में पिछले चार दिनों से बारिश का दौर जारी है। पिछले तीन दिनों में करीब 205 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। दारागंज और करेली समेत कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं और घरों के साथ हॉस्टलों में भी पानी घुस गया है।पानी बढ़ने के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे करीब 2 हजार छात्रों ने बुधवार को हॉस्टल खाली कर दिए। कई जगह छात्रों का सामान और बिस्तर भी पानी में डूब गया। मौसम विभाग ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के 9 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है।