प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत
बरवाडीह/डेस्क: पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के जंगलों में इन दिनों अवैध बीड़ी पत्ता कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है. बरवाडीह और बेतला क्षेत्र के कई गांवों में माफियाओं ने जंगलों को कमाई का जरिया बना लिया है. बिना अनुमति जंगलों से बड़े पैमाने पर बीड़ी पत्ता की तुड़ाई कर अवैध भंडारण और सप्लाई किए जाने की चर्चा है.
इस पूरे खेल से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंच रहा है, जबकि वन संपदा पर भी खतरा बढ़ता जा रहा है. सूत्रों के अनुसार हेहेगड़ा, चुंगरु, नावाडीह, अमवाटिकर, कोरवामांड़ई, होशिर, हरातू, मुंडू, लात, टोंगारी, करमडीह, रमनदाग, आचारपहाड़, केड़, छिपादोहर, कुचिला, बाघ टोला, मोरवाई, ततहा और मंडल समेत कई गांवों में अवैध कारोबारियों का नेटवर्क सक्रिय है.
बताया जाता है कि ग्रामीण मजदूरों के माध्यम से जंगलों से भारी मात्रा में बीड़ी पत्ता तुड़वाकर रातों-रात बाहर भेजा जा रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि जंगलों में लगातार हो रही अवैध तुड़ाई से पर्यावरण और वन्यजीव क्षेत्र प्रभावित हो रहे है. वहीं विभागीय नियमों को दरकिनार कर कुछ लोग मोटी कमाई में जुटे है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में जंगलों को भारी नुकसान हो सकता है.
जानकारों की मानें तो बीड़ी पत्ता संग्रहण और व्यापार पूरी तरह विभागीय अनुमति और नियमों के अधीन होता है, लेकिन पीटीआर क्षेत्र में अवैध तरीके से कारोबार होने से कई सवाल खड़े हो रहे है. मामले की चर्चा क्षेत्र में तेजी से फैल रही है और लोग वन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे है. मामले को लेकर पीटीआर के डीएफओ प्रजेश कांत ने कहा कि अवैध कारोबार की सूचना मिली है. विभाग पूरे मामले की जांच करेगा और जहां भी अवैध बीड़ी पत्ता कारोबार संचालित पाया जाएगा वहां कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने साफ कहा कि जंगलों में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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