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रांची/डेस्क: झारखंड हाई कोर्ट परिसर में प्रस्तावित फुटबॉल ग्राउंड निर्माण को लेकर दायर याचिका पर सोमवार को मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट परिसर अधिवक्ताओं से खचाखच भरा रहा. सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन ने प्रस्तावित फुटबॉल ग्राउंड के निर्माण पर आपत्ति जताते हुए अदालत से कोर्ट परिसर में मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने की मांग की. एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता ऋतु कुमार ने पक्ष रखते हुए कहा कि हाई कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के लिए चैंबरों की भारी कमी है. वकीलों के बैठने और कार्य करने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है, इसलिए पहले इन बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जाना चाहिए.
मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता महेश तिवारी ने भी कमेटी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. उन्होंने अदालत को बताया कि एडहॉक कमिटी के पास इस तरह के निर्णय लेने का अधिकार नहीं है. सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि फुटबॉल ग्राउंड निर्माण से संबंधित टेंडर प्रक्रिया का फिलहाल फाइनलाइजेशन नहीं किया जाएगा. अदालत ने अगले आदेश तक टेंडर को अंतिम रूप देने पर रोक लगाने का निर्देश दिया. खंडपीठ ने मामले में इच्छुक पक्षों को इंटरवेंशन एप्लिकेशन दाखिल करने की भी अनुमति दी. वहीं, राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहितस्य रॉय ने अदालत के समक्ष सरकार का पक्ष रखा. मामले की अगली सुनवाई 28 अगस्त को निर्धारित की गई है.
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