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रांची/डेस्क: झारखंड हाईकोर्ट ने बहुचर्चित चारा घोटाले से जुड़े मामले में अहम आदेश देते हुए दिवंगत श्याम बिहारी सिन्हा के घर से जब्त करीब 34 लाख रुपये मूल्य के जेवरात को रिलीज करने के निचली अदालत के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है. अदालत ने मामले में श्याम बिहारी सिन्हा के पुत्र रवि सिन्हा समेत अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. मामले की सुनवाई जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में हुई.
यह मामला चारा घोटाले के आरसी-68ए/96 (RC-68A/96) केस से जुड़ा है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के अनुसार, वर्ष 1999 में श्याम बिहारी सिन्हा के आवास पर छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात जब्त किए गए थे. इस मामले में रवि सिन्हा को वर्ष 2018 में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई जा चुकी है.
सीबीआई की ओर से हाईकोर्ट में दलील दी गई कि जब्त जेवरात को ‘स्त्रीधन’ बताते हुए रिलीज करने का आधार पर्याप्त नहीं है. एजेंसी का कहना है कि श्याम बिहारी सिन्हा की पत्नी रमा सिन्हा, जिनका निधन वर्ष 2011 में हो गया था, ने अपने जीवनकाल में कभी इन जेवरातों पर दावा नहीं किया और न ही उन्हें अपना स्त्रीधन बताया.
बताया गया कि रमा सिन्हा की मृत्यु के करीब 13 वर्ष बाद, वर्ष 2024 में रवि सिन्हा ने विशेष सीबीआई अदालत में याचिका दाखिल कर दावा किया कि जब्त जेवरात उनकी मां का स्त्रीधन थे और इन्हें परिवार को सौंपा जाना चाहिए. विशेष अदालत ने इस दावे को स्वीकार करते हुए जेवरात रिलीज करने का आदेश दिया था.
हालांकि, सीबीआई ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी. एजेंसी की ओर से अधिवक्ता दीपक भारती ने अदालत को बताया कि रवि सिन्हा ने अपने दावे के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया. हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए निचली अदालत के आदेश पर रोक लगा दी है.
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