संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत
पलामू/डेस्क: नगर निगम चुनाव के दौरान महापौर अरुणा शंकर के अत्यंत करीबी माने जाने वाले विष्णुराम ने उनके पक्ष में सक्रिय भूमिका निभाई थी. वर्तमान में उन्हीं पर नगर निगम में कथित वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं तथा नगर निगम प्रशासन द्वारा उन्हें नोटिस भी जारी किया गया है. इस पूरे प्रकरण ने नगर निगम की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
नगर निगम वासियों का कहना है कि जब किसी व्यक्ति के विरुद्ध इतने गंभीर आरोपों के आधार पर निगम द्वारा नोटिस जारी किया जा चुका है, तब यह जानना भी जनता का अधिकार है कि आगे की कार्रवाई क्या होगी. यदि नियम और कानून सभी के लिए समान हैं, तो इस मामले में भी बिना किसी पक्षपात के निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए.
महापौर से अपेक्षा है कि वे इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें. यदि लगाए गए आरोप निराधार हैं, तो तथ्यों के साथ जनता के सामने स्थिति स्पष्ट की जाए. वहीं यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो किसी भी प्रकार के राजनीतिक या व्यक्तिगत संबंधों से ऊपर उठकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
नगर निगम जैसी महत्वपूर्ण संस्था जनता के विश्वास पर चलती है. इसलिए पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून का समान रूप से पालन लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी आवश्यकता है. नगर निगम की जनता अब इस मामले में चुप्पी नहीं, बल्कि स्पष्ट जवाब, निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई की अपेक्षा कर रही है.
यह भी पढ़ें: पहली बारिश में ही खुली मेदिनीनगर नगर निगम के दावों की पोल, सड़क पर बहा नालियों का गंदा पानी