मध्य प्रदेश के रतलाम के पैरा तैराक अब्दुल कादरी ने अपनी मेहनत और लगन से खेल जगत में खास पहचान बनाई है । उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, उनका चयन जापान में आयोजित हो रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में हुआ है। दोनों हाथ नहीं होने के बावजूद तैराकी में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का उनका सफर कई खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। एशियन पैरा गेम्स का पांचवां संस्करण 18 से 24 अक्टूबर 2026 तक जापान के आइची-नागोया में आयोजित हो रहा है। इस प्रतियोगिता में एशिया के अलग- अलग देशों के पैरा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
कोच और सहयोगियों की भी अहम भूमिका
अब्दुल कादरी की इस उपलब्धि के पीछे उनके नियमित अभ्यास मेहनत और प्रशिक्षण का अहम योगदान बताया गया है। उनके कोच डॉ. वीरेंद्र कुमार दवास ने उन्हें प्रतियोगिता के लिए तैयार किया। वहीं, टीम सपोर्ट स्टाफ में शामिल आयुष जैन भी उनके साथ सहयोग कर रहे हैं। पैरा तैराकी में खिलाड़ियों को उनकी शारीरिक स्थिति और कार्यक्षमता के आधार पर अलग-अलग वर्गों में रखा जाता है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता तक पहुंचना खिलाड़ी के लगातार अभ्यास और चयन प्रक्रिया से जुड़ा होता है।
प्रदेश के लिए उपलब्धि
अब्दुल कादरी के चयन को मध्य प्रदेश के खेल जगत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया जा रहा है। उनके सफर से यह संदेश मिलता है कि शारीरिक चुनौतियों के बावजूद मेहनत सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर खिलाड़ी बड़े मंच तक पहुंच सकते हैं।