अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में सामाजिक समरसता के पुरोधा संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जन्म जयंती को लेकर पूरे साल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जन्म जयंती के मौके पर विशाल महाआरती और 21 कुंडीय महायज्ञ होगा। समिति संत रविदास के संदेश को शहर के साथ गांवों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है।
संत रविदास जन्म जयंती समिति की शुक्रवार को द्वारिकापुरी स्थित कार्यालय में बैठक हुई। इसमें जयंती वर्ष के दौरान होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की गई। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि सितंबर के तीसरे सप्ताह से पूरे विभाग में कार्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी।
गांव-गांव पहुंचाया जाएगा संत रविदास का संदेश
बैठक की अध्यक्षता आरएसएस के विभाग संघचालक राजकुमार सिंह ने की। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने ऐसे समय में समाज को जोड़ने का काम किया, जब देश पर आक्रमणकारियों का दबाव और अत्याचार था। उनके अनुसार संत रविदास ने समाज को बिखरने से बचाने और लोगों को एकजुट रखने का संदेश दिया। समिति की ओर से पूरे साल अलग-अलग कार्यक्रम कराने की योजना है। इसके तहत संत रविदास के विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर रहेगा। अभियान में संत समाज को भी शामिल किया जाएगा।
जन्म जयंती पर महाआरती और महायज्ञ
सह विभाग संघचालक ललित कुमार ने बताया कि संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर कई कार्यक्रम होंगे। सितंबर के तीसरे सप्ताह से विभाग स्तर पर इनकी शुरुआत की जाएगी। महानगर संघचालक अजय सराफ ने बताया कि जन्म जयंती के अवसर पर विशाल महाआरती के साथ 21 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इसमें समाज के अलग-अलग वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
शहर से गांव तक होंगी गोष्ठियाँ
सह संघचालक देवेंद्र हनुमानजी ने कहा कि संतों की भागीदारी के साथ सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यक्रम भी कराए जाएंगे। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी गोष्ठियां आयोजित करने की योजना है। संजीव सिसौदिया ने संत रविदास के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में समाज को एकजुट रखने का काम किया। उन्होंने कहा कि मीराबाई जैसी भक्त भी संत रविदास की शिष्या बनीं। बैठक में चक्रवती दत्त शर्मा, पंकज कुमार, विनय शर्मा, मनोज कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।