भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बैरागढ़ में 12 साल की बच्ची की मौत के मामले में लोगों का गुस्सा सड़क पर उतर आया। परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए थाने का घेराव कर दिया। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी इसमें शामिल हुए और आरोपी को जल्द फांसी देने की मांग उठाई।
थाने पर पुलिस और परिजनों में तीखी बहस
घेराव के दौरान पुलिस और परिजनों के बीच गरमागरम बहस हुई। इससे मौके पर तनाव का माहौल बन गया। परिजन जल्द कार्रवाई और कड़ी सजा की मांग पर डटे रहे।
बैरागढ़ में भीड़ किया चक्काजाम
बच्ची की मौत के विरोध में शनिवार को बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद यानी विहिप के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने बैरागढ़ से भोपाल और सीहोर जाने वाले मार्ग जाम कर दिए। करीब 2 किमी तक गाड़ियों की कतार लग गई और सैकड़ों लोग जाम में फंसे रहे।
गुस्साई भीड़ ने बैरागढ़ थाने को घेर लिया और मांग की कि आरोपी को उनके हवाले किया जाए। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने थाने के दोनों मुख्य गेट बंद कर भारी बल तैनात कर दिया। भीड़ ने जबरन अंदर घुसने की कोशिश की। पर पुलिस ने उसे बाहर ही रोक लिया। पुलिस लोगों को समझा रही है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर आरोपी को सख्त सजा दिलाई जाएगी। लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं हैं।
बुलडोजर कार्रवाई की मांग
सड़कों पर उतरी भीड़ की पहली मांग है कि आरोपी के अवैध मकान पर तुरंत बुलडोजर चले। दूसरी मांग है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में जल्द पूरी हो और आरोपी को फांसी की सजा मिले। वे यह भी चाहते हैं कि पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी मौके पर आकर पीड़ित परिवार से मिलें और लिखित आश्वासन दें। उनका कहना है कि ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
क्या है मामला
दरअसल, बैरागढ़ में कृष्णा कॉम्पलेक्स के पीछे बनी एक खंडहरनुमा इमारत में 12 साल की बच्ची का शव मिला था। प्रारंभिक शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा और गला घोटकर हत्या की पुष्टि हुई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को पकड़ लिया है। फिर भी वारदात को लेकर इलाके में तनाव बना हुआ है।