छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़े मामले में हाईकोर्ट से झटका लगा है । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनकी उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें चुनाव याचिका की सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुद्दे तय करने की मांग की गई थी। जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की अदालत ने 13 अक्टूबर को इस मामले में आदेश दिया ।
यह चुनाव याचिका भाजपा सांसद विजय बघेल ने दाखिल की है, उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव में पाटन सीट से भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती दी है। अब सवाल यह है कि अतिरिक्त मुद्दे जोड़ने की मांग क्यों की गई थी और इस फैसले का चुनाव याचिका की आगे की सुनवाई पर क्या असर पड़ेगा?
विजय बघेल ने क्यों दी है चुनाव को चुनौती?
दरअसल, 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में पाटन सीट पर भूपेश बघेल और भाजपा के विजय बघेल आमने-सामने थे। चुनाव परिणाम के बाद विजय बघेल ने भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी ।
इसी मामले में भूपेश बघेल की ओर से सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 14 के नियम 1, 2(2) और 5 के साथ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 87 का हवाला देते हुए अतिरिक्त मुद्दे तय करने की मांग की गई थी ।
भूपेश बघेल ने अपने आवेदन में सुप्रीम कोर्ट के 28 सितंबर 2026 के आदेश का भी उल्लेख किया था। हाईकोर्ट ने 5 अक्टूबर को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था, अब अदालत ने उनकी अर्जी खारिज कर दी है।
सुनवाई के दौरान विजय बघेल भी हुए थे पेश
5 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान विजय बघेल खुद अदालत में साक्ष्य दर्ज कराने के लिए उपस्थित हुए थे। इसी दौरान भूपेश बघेल की ओर से अतिरिक्त मुद्दे तय करने के आवेदन का जिक्र हुआ । विजय बघेल की तरफ से इस आवेदन पर जवाब पहले ही पेश किया जा चुका था।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले को आदेश के लिए रख लिया था। अब आवेदन खारिज होने के बाद चुनाव याचिका की आगे की सुनवाई पर नजर रहेगी ।