दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने एक पिकअप से 4 करोड़ रुपये कैश जब्त किया है। रकम गाड़ी के पिछले हिस्से में बने सीक्रेट चेंबर में छिपाकर रखी गई थी। रविवार रात हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने पिकअप में सवार दे लोगों को हिरासत में लिया गया है। मामला खुर्सीपार थाना क्षेत्र के डाबरापारा का है।
देर रात पुलिस के मिली थी सूचना
खुर्सीपार पुलिस को रात करीब 11 बजे एक सूचना मिली थी। इसके बाद इलाके में वाहन जांच शुरू हुई। इसी दौरान सफेद रंग की बोलेरो मैक्स पिकअप CG 04 QU 5996 को रोका गया। गाड़ी रायपुर से नागपुर की तरफ जा रही थी। पुलिस ने देखा कि पिकअप का पिछला हिस्सा बदला हुआ है। उसे ऐसे बंद किया गया था कि अंदर रखा सामान बाहर से नजर ही न आए। बारीकी से तलाशी ली गई तो पिछले हिस्से में अलग अलग सीक्रेट चेंबर मिले। उन्हें खोलने पर नोटों के बंडल निकले। गिनती हुई तो कुल रकम 4 करोड़ रुपये निकली।
दुर्ग पुलिस और क्राइम ब्रांच ने एक पिकअप वाहन से लगभग 4 करोड़ रुपये नकद जब्त किए हैं. इस कैश को रायपुर के अभनपुर इलाके से लोड करके नागपुर के रास्ते उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा था. तस्करों ने इस भारी-भरकम रकम को छिपाने के लिए पिकअप के पिछले हिस्से में Secret Chamber बनवाया था, जिसमें नोटों के बंडल छिपाकर रखे गए थे. मामला हवाला कारोबार से जुड़ा होने की आशंका है.
— Ruby Arun रूबी अरुण (@arunruby08) October 26, 2026
भनपुरी के जीडी ट्रांसपोर्ट से लोड हुआ था पैसा
शुरुआती जानकारी के अनुसार यह रकम रायपुर के भनपुरी में जीडी ट्रांसपोर्ट से पिकअप में लोड की गई थी। इसे नागपुर ले जाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि पैसा किसी ट्रांसपोर्ट का है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रकम कहां से आई और नागपुर में किसके पास पहुंचनी थी। पुलिस को आशंका है कि यह हवाला का पैसा हो सकता है।
पिकअप में दो लोगों से पूछताछ
गाड़ी में भवेशभाई जीनाभाई डाभी और विष्णुदेव दुबे सवार थे। डाभी पिकअप चला रहा था। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि पैसा आखिर किसका था।
आयकर विभाग भी करेगा जांच
पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी पत्र लिखकर आयकर विभाग ( IT) की टीम को दे दी है। अब रकम के स्त्रोत और दस्तावेजों की जांच आयकर विभाग करेगा। पुलिस यह भी पता कर रही है कि पिकअप में सीक्रेट चेंबर कब और किसने बनवाया था। बरामद रकम से जुड़े कागजात कौन से हैं। इसकी भी पड़ताल हो रही है।