रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम अगले पांच दिन तक पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। मौसम विभाग ने प्रदेश के एक-दो स्थानों पर मेघ गर्जन, तेज हवा और वज्रपात के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। दक्षिण छत्तीसगढ़ में इसका असर ज्यादा रह सकता है। राहत की बात यह है कि तापमान में फिलहाल कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं दिख रहा।
मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर
मौसम केंद्र रायपुर के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 12 अक्टूबर को प्रदेश से पूरी तरह लौट चुका है। इसके बावजूद आसमान से बारिश और बिजली का खतरा अभी टला नहीं है। बीते 24 घंटों में भी प्रदेश के एक-दो स्थानों पर बारिश हुई।
16 से 22 अक्टूबर तक रोज का पूर्वानुमान
16 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक हर दिन प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन पांचों दिन एक-दो जगह गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी है। 21 और 22 अक्टूबर को भी कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं, लेकिन इन दो दिनों के लिए कोई चेतावनी नहीं है।
रायपुर और प्रदेश में तापमान का हाल
बीते 24 घंटों में प्रदेश का सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान रायपुर में 33.4 डिग्री सेल्सियस रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान पेण्ड्रा रोड में 19.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राजधानी रायपुर में आज आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। आने वाले तीन दिन तक न्यूनतम और अधिकतम दोनों तापमान में खास बदलाव नहीं होगा। उसके बाद के दो दिनों में भी न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट के आसार नहीं हैं।
मौसम बदलने की वजह क्या है
दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। यह अब समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैल गया है। इसी परिसंचरण से लेकर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका भी फैली है। यह द्रोणिका पहले दक्षिण तमिलनाडु तट से ओडिशा तट के पास बंगाल की खाड़ी तक थी और अब 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक जा रही है। इन्हीं दोनों प्रणालियों का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है।