भोपाल। सीजेपी आंदोलन के चलते माहौल बिगड़ने की स्थिति के चलते दिल्ली रूट पर ट्रेनें अचानक निरस्त हो गईं थी। इसका सीधा असर मध्य प्रदेश के यात्रियों पर पड़ा। भोपाल मंडल से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 9 और 10 अक्टूबर को ट्रेनें रद्द होने से कुल 4500 यात्रियों के टिकट कैंसिल करने पड़े। कई लोगों ने महीनों पहले रिजर्वेशन कराया था। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने और ट्रेनें रद्द होने से उनकी योजना बिगड़ गई। कुछ ने यात्रा टाल दी तो कुछ ने दूसरे साधनों से सफर किया।
24 से 48 घंटे में खाते में आएगा पैसा
रेलवे प्रशासन ने साफ किया है कि प्रभावित सभी यात्रियों को टिकट का पूरा रिफंड 24 से 48 घंटे के भीतर सीधे उनके खातों में मिल जाएगा। इस पर कुल 35 लाख रुपये की राशि खर्च होगी। सीपीआरओ डॉ. मधुर वर्मा ने कहा कि जिन यात्रियों के टिकट कैंसिल हुए हैं, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। नियमों के तहत रिफंड तय समय में लौटाया जा रहा है।
इन प्रमुख ट्रेनों के पहिये थमे
9 अक्टूबर को मुंबई-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस, जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस, महाकौशल एक्सप्रेस, एमपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस और शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस पूरी तरह निरस्त रहीं। 10 अक्टूबर को हजरत निजामुद्दीन-रानी कमलापति शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस दिल्ली से तय समय पर रवाना नहीं हो सकी। उसी दिन कोटा-हजरत निजामुद्दीन जनशताब्दी एक्सप्रेस भी नहीं चली।
17 ट्रेनों के रूट में भी बदलाव
रेलवे अधिकारियों के अनुसार बीना-आगासौद यार्ड में रीमॉडलिंग का काम चल रहा है। इसी वजह से 15 अक्टूबर तक करीब 17 ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। यानी दिल्ली रूट पर आने-जाने वाले यात्रियों को इस हफ्ते दोहरी परेशानी झेलनी पड़ी।