भोपाल। देवास के पुंजापुरा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंच से लाड़ली बहना योजना का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि जिन पात्र बहनों के नाम अब तक योजना में नहीं जुड़ पाए हैं, उन्हें अगले साल यानी 2027 में जोड़ा जाएगा। सीएम के अनुसार, कोई भी महिला योजना से वंचित नहीं रहेगी। इस बयान के बाद उन महिलाओं में उम्मीद जगी है, जो पात्र होने बावजूद अब तक 1500 रुपये महीने की मदद से दूर हैं। हालांकि नए पंजीयन की तारीख सरकार ने अभी घोषित नहीं की है।
जानें सीएम ने इशारे में क्या कहा
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार लगातार लाड़ली बहनों के खातों में राशि भेज रही है। अब तक करीब 55 हजार करोड़ रुपये बहनों तक पहुंच चुके हैं। सितंबर में योजना की 40वीं किस्त के तहत 1.25 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के खातों में 1835 करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए। अगस्त 2026 में कैबिनेट ने योजना को 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी भी दी थी।
अब जानें पंजीयन शुरू होने पर कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए
बता दें कि फिलहाल आवेदन की कोई तारीख तयन हीं है। इसलिए फॉर्म भरने की किसी भी खबर को आधिकारिक न मानें। पंजीयन खुलने पर जानकारी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के पोर्टल पर आएगी। तब तक पात्र महिलाओं का ये चीजें तैयार रखना समझदारी होगी।
-समग्र परिवार आईडी या सदस्य आईडी।
-आधार कार्ड और समग्र में दर्ज मोबाइल नंबर पास रखें।
-महिला के अपने नाम का बैंक खाता जरूरी होगा।
-यह खाता आधार से लिंक हो और उसमें डीबीटी सक्रिय हो।
-समग्र पोर्टल पर आधार ई केवाईसी भी पहले से करा लें।
-आवेदन पोर्टल, ग्राम पंचायत, वार्ड कार्यालय या तय कैंप के जरिए कराया जा सकता है।
कौन पात्र है और किन्हें नहीं मिलेगा लाभ
योजना के लिए मध्य प्रदेश की स्थानीय निवासी विवाहित महिला पात्र हैं। विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी इसमें आती हैं। आवेदन वाले कैलेंडर वर्ष की 1 जनवरी को उम्र 21 साल पूरी हो और 60 साल से कम हो।
- परिवार की सालाना आय 2.5 लाख से ज्यादा होने पर, परिवार में आयकरदाता होने, पांच एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन या ट्रैक्टर के अलावा चार पहिया वाहन होने पर लाभ नहीं मिलेगा। कुछ सरकारी नौकरी या पेंशन वाले परिवार भी बाहर रहेंगे।