योगेंद्र त्रिपाठी, बलरामपुर: उतरौला नगर पालिका परिषद के द्वारा नगर के मुख्य मार्ग से ईदगाह को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण सीसी (सीमेंट कंक्रीट) मार्ग का निर्माण कार्य सवालों के घेरे में आ गया है। स्थानीय लोगों ने निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री की गुणवत्ता और मानकों की घोर अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया है। मौके पर जिम्मेदारों की गैरमौजूदगी ने इस पूरे कार्य में भ्रष्टाचार और लापरवाही की आशंका को और गहरा कर दिया है।
मौके से जिम्मेदार नदारद
मंगलवार को जब निर्माण कार्य चल रहा था, तब साइट पर एक हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला। मौके पर न तो ठेकेदार मौजूद था और न ही जेई (जूनियर इंजीनियर), निर्माण लिपिक या कोई सुपरवाइजर। पूरी सड़क का निर्माण भगवान भरोसे चल रहा था और मजदूर अपने ही मनमाने तरीके से सीमेंट, बालू और गिट्टी का मिश्रण तैयार कर सड़क ढाल रहे थे। बताया जा रहा है कि घटिया निर्माण सामग्री (सफेद बालू, मिट्टी मिला लाल मोरंग, दोयम दर्जे की ईंट व घटिया सीमेंट) के ज़रिए इस लाखों की सड़क का निर्माण करवाया जा रहा है। जो शासन की मंशा पर सवाल उठाता है और सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार होने की आशंका को मजबूत करता है।
एस्टीमेट गायब, सामग्री घटिया, हो रहा निर्माण
स्थानीय निवासियों का कहना है कि निर्माण स्थल पर काम का कोई एस्टीमेट (प्राक्कलन) उपलब्ध नहीं है। बिना किसी तकनीकी देखरेख के हो रहे इस काम में मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। लोगों का आरोप है कि सड़क में बेहद घटिया दर्जे की निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। अगर इसी तरह गुणवत्ता से समझौता होता रहा, तो यह सड़क चंद दिनों में ही उखड़ जाएगी और यह सीधे तौर पर सरकारी धन की बर्बादी होगी।
ठेकेदार की टालमटोल, लोगों में आक्रोश
इस संबंध में जब ठेकेदार से फोन पर संपर्क कर निर्माण मानकों की जानकारी मांगी गई और एस्टीमेट दिखाने को कहा गया, तो उसने साफ इनकार कर दिया। हालांकि, ठेकेदार ने मौखिक तौर पर अपने काम को मानक के अनुरूप बताने की कोशिश की, जिससे स्थानीय लोगों का आक्रोश और बढ़ गया है।
अधिकारियों ने लिया संज्ञान, कार्रवाई की चेतावनी
मामले के तूल पकड़ने के बाद नगर पालिका के जेई रवि कुमार कुशवाहा ने मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने की बात कही है। वहीं, उप जिलाधिकारी (एसडीएम) योगेंद्र शरण शाह ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि मौके का सघन निरीक्षण कराकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। एसडीएम ने सख्त लहजे में कहा कि यदि जांच में निर्माण कार्य मानकों के विपरीत पाया गया, तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना होगा कि घटिया निर्माण पर क्या नगर पालिका परिषद के अधिकारी या एसडीएम उतरौला कोई प्रभावी एक्शन लेते हैं या यूं ही घटिया निर्माण सामग्री के ज़रिए सड़क को बना दिया जाएगा और बाकी बचे बजट का बंदरबांट कर लिया जाएगा। फिलहाल, मामले की जांच करने बात एसडीएम ने कही है।